माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हड़ताल के बाद आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर यूनियन की ओर से केंद्रों को खोले 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो आंदोलन के दौरान बर्खास्त हुई वर्कर्स और हेल्पर्स को काम पर ज्वाइन कराया गया है, न रुका वेतन आया है। इससे वर्कर्स में रोष है। ऐसे में यूनियन ने दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को यूनियन की जिला स्तरीय कन्वेंशन मानव सेवा संघ में हुई। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान रूपा राणा और संचालन सचिव बिजनेश राणा ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार और महिल एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी 12 मार्च और चार अप्रैल को हुई समझौता वार्ता में किए वादे पूरे करें। समझौता वार्ता में तय हुआ था कि सभी बर्खास्त वर्कर्स, हेल्पर्स को लगातार सेवा एवं पूरे वेतन के साथ तुरंत प्रभाव से ड्यूटी पर बहाल किया जाएगा।
हड़ताल के दिनों के चार महीने का वेतन सभी को दिया जाएगा, बशर्तें वर्कर्स, हेल्पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर काम करना शुरू करें। सरकार के आश्वासन पर सात अप्रैल को सभी वर्कर्स और हेल्पर्स 119 दिन की हड़ताल खत्म करके काम पर लौट आए थे, लेकिन अभी तक ये दोनों आश्वासन पूरे नहीं हुए। सीटू के राज्य उपप्रधान विरेन्द्र मलिक, जिला सचिव जगपाल राणा और उपप्रधान ओपी माटा ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफ से सभी में रोष है। इस अवसर पर रेखा, नरेश, शालिनी, अमरजीत कौर, सरोज, नीलम, संगीता, मूर्ती और सर्वेश राणा मौजूद रहे।
इन बड़ी घोषणाओं के लिए हुआ था आंदोलन
नेताआें ने कहा कि 2018 में प्रधानमंत्री ने आंगनबाड़ी वर्कर्स को 1500 और हेल्पर को 750 रुपये का वेतन बढ़ाकर देने की घोषणा की थी, जो आज तक लागू नहीं हुई। 2018 में मुख्यमंत्री ने भी हड़ताल के दौरान समझौता किया था कि वर्कर्स को कुशल, हेल्पर को अर्ध कुशल मानते हुए न्यूनतम वेतन दिया जाएगा और महंगाई के आंकड़ों को छठे महीने एरियर समेत अलग से दिया जाएगा। ये वादा भी पूरा नहीं हुआ। इसके अलावा अन्य मांगों को लेकर 119 दिन का आंदोलन हुआ था।
हर स्तर पर करेंगे आंदोलन
नेताओं का कहना है कि राज्य कमेटी के निर्णय अनुसार जल्द सरकार ने समझौते को लागू करते हुए तमाम बर्खास्त वर्कर्स को ड्यूटी ज्वाइन नहीं करवाई और चार माह का वेतन सभी वर्कर्स के खाते में नहीं डाला तो तालमेल कमेटी का प्रतिनिधिमंडल निदेशक बाल विकास विभाग पंचकूला कार्यालय पर पहुंचेगा। अगले आंदोलन के लिए सर्कलों, ब्लॉकों और जिलों पर जनरल बॉडी मीटिंग और सम्मेलन करते हुए तैयारी की जाएगी।