माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के 16 थानों में हर घंटे औसतन एक मुकदमा दर्ज हो रहा है।
एक जनवरी से 28 अप्रैल तक यानी 118 दिनों में जिले में 2934 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसका मतलब है कि हर दिन 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, जो जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हैं।
दूसरी ओर थाना स्तर पर आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा मामले थाना शहर में दर्ज हुए हैं। जहां अब तक 321 मुकदमे दर्ज हुए हैं। निगदू थाना क्षेत्र अपेक्षाकृत शांत रहा। जहां केवल 106 मुकदमे दर्ज हुए। अन्य थानों में भी आंकड़े चौंकाने वाले हैं, थाना सदर में 309, घरौंडा में 249, सेक्टर 32-ए में 243 और इंद्री में 236 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
अपराध के बढ़ते ग्राफ के साथ पुलिस बल की कमी भी एक गंभीर समस्या बनकर उभर रही है।
जिले की 15.05 लाख की जनसंख्या की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल 2113 पुलिस कर्मियों के कंधों पर है। जबकि आवश्यकता 2470 पुलिस कर्मियों की है। स्वीकृत पदों के बावजूद 357 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। जिले के 2520 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हर पुलिसकर्मी को औसतन 712 नागरिकों की सुरक्षा का भार उठाना पड़ रहा है, जो कि न केवल पुलिस बल के लिए बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है।
बढ़ती जनसंख्या और बढ़ती अपराध दर के बीच पुलिस बल की इस भारी कमी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस बल को जल्द मजबूत किए जाने की जरूरत है।