करनाल। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूल की पढ़ाई पूरी करने से पहले कई हुनर भी सीखेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों के कौशल विकास के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय की ओर से चार स्कूलों में इंक्यूबेशन सेंटर खोले जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को ऑटोमोबाइल, ट्रेवल एंड टूरिज्म, ब्यूटी एंड वेलनेस और पेशंट केयर असिस्टेंस का निशुल्क प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होने वाले इंक्यूबेशन सेंटरों का भवन और अन्य संसाधनों की व्यवस्था हो चुकी है। इन्हें शुरू करने के लिए केवल सरकार की ओर से हरी झंडी मिलना बाकी है। ट्रायल भी लिया जा चुका है। सरकार की नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत 74 स्कूलों में स्क्लि सेंटर चल रहे हैं। जहां अलग-अलग 11 स्किल में विद्यार्थी कोर्स कर रहे हैं। प्रत्येक केंद्र में दो-दो स्किल हैं। ये चारों स्किल ही ज्यादातर केंद्रों में चल रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इनके इंक्यूबेशन सेंटर खोले जा रहे हैं। इसके पीछे सरकार की मंशा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की भी है। ताकि जब वे 12वीं पास करके स्कूलों से निकलें तो उनके हाथ में कोई न कोई हुनर जरूर हो। 74 केंद्रों में ये चार स्किल कोर्स कर रहे करीब 2800 विद्यार्थी इन इंक्यूबेशन सेंटरों में प्रशिक्षण लेते हुए अभ्यास करेंगे।
नहीं जाना पड़ेगा कंपनियों में, यहीं आएंगे विशेषज्ञ
स्किल सेंटरों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी कोर्स करते हैं। जिन्हें कोर्स की किताबी जानकारी या सामान्य अभ्यास होता है। इंटर्नशिप या अप्रैंटिस के रूप में उन्हें किसी बड़े संस्थान या कंपनियों में कुछ दिनों के लिए भेजा जाता है। इंक्यूबेशन सेंटर खुलने के बाद अब विद्यार्थियों को कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी, वे यहीं अभ्यास कर सकेंगे। इसके अलावा विभाग की ओर से विशेषज्ञों को भी यहां बुलाया जाएगा।
इन स्कूलों में इस कौशल का होगा इंक्यूबेशन सेंटर
- राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निसिंग में पेशेंट केयर असिस्टेंट
- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांभली में आटोमोबाइल
- राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रेमनगर में ट्रेवल एंड टूरिज्म
- राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेलवे रोड में ब्यूटी एंड वेलनेस
इस स्किल में हैं इतने विद्यार्थी
स्किल विद्यार्थी
ब्यूटी एंड वेलनेस 900
पेशेंट केयर असिस्टेंट 1200
आटोमोबाइल 350
ट्रेवल एंड टूरिज्म 350
विद्यार्थी बनेंगे स्किल एक्सपर्ट
इंक्यूबेशन सेंटर शुरू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ रोजगार के लिए भी तैयार करना है। 74 स्कूलों में एनएसक्यूएफ के तहत करीब 5 हजार विद्यार्थी स्किल कोर्स का लाभ उठा रहे हैं। एक इंक्यूबेशन सेंटर बनाने में करीब दो लाख रुपये लागत आई। जल्द इन केंद्रों को शुरू कर दिया जाएगा। विद्यार्थियों को स्किल एक्सपर्ट बनाया जाएगा।
- चांदनी, जिला समन्वयक, एनएसक्यूएफ