गोवंश के साथ पुलिसकर्मी दिनेश कुमार। संवाद
करनाल। हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स ब्यूरो मधुबन में कार्यरत एएसआई दिनेश कुमार का जीवन उस समय बदल गया, जब एक घायल गाय ने उनकी गोद में दम तोड़ दिया। इसके बाद से वह अपनी ड्यूटी के साथ गोमाता की सेवा भी करने लगे। वह वर्ष 2018 से अब तक सड़क हादसों में घायल करीब 500 गायों का निजी खर्च पर उपचार करवा कर उनकी जान बचा चुके हैं।
दिनेश कुमार ने बताया कि 18 जून 2017 को रात के समय अपने दोस्तों के साथ कर्ण विहार से गुजर रहे थे तो 12 फीट के गड्ढे में से एक गाय को निकाला। उसके एक साल बाद 18 जून को ही रोड एक्सीडेंट में एक गाय घायल पड़ी मिली तो गाय के मुंह को गोद में लेकर पानी पिलाने का प्रयास किया लेकिन उसने गोद में ही प्राण त्याग दिए। इसके बाद ठान लिया कि अब किसी गो माता को ऐसे मरने नहीं देंगे। उसके बाद ज्ञानानंद महाराज से प्रेरणा लेते हुए गो सेवा को जीवन बना लिया। ज्ञानानंद महाराज ने ही उन्हें ‘गोकर्ण’ का नाम दिया। गोकर्ण गऊ सेवा और रोटी बैंक संस्था से भी जुड़ गए।
-2 हजार लावारिस शवों का संस्कार
-200 गोवंश की करवाई अंतिम क्रिया
उन्होंने बताया कि उनकी टीम की ओर से लगभग दो हजार लावारिस शवों का संस्कार करवाया जा चुके हैं। वहीं, 200 गोवंश का की अंतिम क्रिया करवाई गई है। उनकी टीम में असीम बंसल, जितेंद्र, राजीव, संजीव, दीपक व ध्रुव गर्ग की ओर से लोगों को जागरूक कर दो नेत्रदान और एक देह दान भी करवाया गया है। उन्हाेंने निजी खर्च पर ही गोमाता के लिए एंबुलेंस रखी हुई है।
-एडीजीपी श्रीकांत जाधव हैं संस्था संरक्षक
-वीआईपी काफिले से गोवंश को पहुंचाया था गोशाला
दिनेश ने बताया कि गोकर्ण गऊ सेवा और रोटी बैंक संस्था के संरक्षक हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स ब्यूरो के एडीजीपी श्रीकांत जाधव हैं। गौरतलब हो कि श्रीकांत जाधव गोमाता की सेवा करने के लिए भी जाने जाते हैं। जिन्होंने 2017 में पानीपत से गुजरते हुए गोवंश को सड़क पर देखा तो अपने वीआईपी काफिले की 17 गाड़ियों के साथ उन्हें गोशाला पहुंचाया था। उस समय वह रोहतक रेंज के आईजी थे।