करनाल में खुशी का माहौल
कर्ण नगरी के इंद्री कस्बे के फाजिलपुर गांव के ऑलराउंडर खिलाड़ी अंशुल कांबोज का चयन भारतीय टीम में होने से क्रिकेट प्रेमियों में खुशी का माहौल है। हर कोई अंशुल के पिता उदम सिंह को बधाई देने के लिए उनके गांव पहुंच रहा है। वहीं अंशुल की प्राथमिक क्रिकेट अकादमी राणा ब्रदर्स में ढोल बजाकर, मिठाई बांटकर व आतिशबाजी करके खुशी मनाई गई। इस मौके पर अकादमी के खिलाड़ी व क्रिकेट प्रेमियों ने उनके मुख्य कोच सतीश राणा को बधाई दी। भारतीय टीम में करनाल से चयन होने वाला अंशुल दूसरा क्रिकेटर है इससे पहले तरावड़ी के नवदीप सैनी भारतीय टीम में खेल चुके हैं। कोच सतीश राणा ने बताया कि अंशुल की खासियत है कि वह बॉल को दोनों ओर स्विंग कराने में माहिर हैं। वहीं, बल्लेबाजी व क्षेत्र रक्षण में भी अंशुल का बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। अंशुल कंबोज का जन्म हरियाणा के इंद्री हलके के छोटे से फाजिलपुर गांव में छह दिसंबर 2000 को हुआ। 14 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया।
अंशुल के 23 लिस्ट-ए विकेट
पिछले एक दशक में अंशुल ने न सिर्फ राज्य टीम में जलवा दिखाया बल्कि आईपीएल में भी जगह बनाई। अंशुल ने 17 फरवरी 2022 को हरियाणा के लिए 2021-22 रणजी ट्रॉफी में प्रथम श्रेणी में डेब्यू किया। 2022-23 विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट ए क्रिकेट की शुरुआत की, उनके बेहतर प्रदर्शन की बदौलत हरियाणा ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीती। वह 2024 एसीसी इमर्जिंग टीम एशिया कप के लिए भारत ए टीम का हिस्सा रहे। अंशुल कांबोज को आईपीएल में मुंबई इंडियंस व चेन्नई सुपर किंग टीम के लिए खेल चुके है। उनके नाम 47 प्रथम श्रेणी विकेट, 23 लिस्ट-ए विकेट और 17 टी-20 विकेट हैं। आईपीएल के जिन मैचों में उन्हें मौके मिला अंशुल ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया। अंशुल के प्रदर्शन की बदौलत ही हरियाणा टीम ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीती। वहीं रणजी ट्रॉफी में केरल टीम के खिलाफ खेलते हुए 10 विकेट लेकर अंशुल न सिर्फ रिकॉर्ड बनाया बल्कि चयनकर्ताओं का ध्यान भी आकर्षित किया। अपने बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत आज करनाल का छोरा अंशुल भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में इंग्लैंड के साथ चौथे मैच में 23 जुलाई को अर्शदीप सिंह की जगह खेलते हुए नजर आएंगे।