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ऑक्सीजन कंटेनर की एयरलिफ्टिंग टास्क में जुटी एयरफोर्स, जवानों की सामान्य छुट्टियों पर ब्रेक

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कोरोना के फिर बढ़ते कहर को लेकर सशस्त्र बलों के आला अफसर अपने जवानों की सेहत की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से गंभीर हैं। इसी के मद्देनजर सेना और वायुसेना में फिलहाल कुछ ऐसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिससे जवानों को इस वायरस की चपेट से बचाया जा सके। इसके अलावा सभी जवानों को कोरोना से बचाव का टीका लगे, इस पर भी विशेष वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। सभी जवानों को कमांड अस्पतालों में कोरोना की पहली और दूसरी डोज लगवाई जा रही है। इसके साथ-साथ एयरफोर्स क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर की एयरलिफ्टिंग टास्क में भी जुट गई है।
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कोरोना की पहली लहर में भी विभिन्न सशस्त्र बलों के काफी जवान संक्रमित हुए थे। मगर इस बार हेल्थ विशेषज्ञ दूसरी लहर को पहली से ज्यादा खतरनाक मान रहे हैं। इसलिए जवानों की सेहत सैन्य अफसरों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। इसी को देखते हुए वायुसेना ने सामान्य छुट्टियों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि जब तक कोविड का प्रकोप चल रहा है वायुसेना के जवानों को सशर्त सिर्फ इमरजेंसी छुट्टी ही मिल पाएगी।
इसके तहत एक बार में केवल 15 प्रतिशत स्टाफ ही छुट्टी पर रहेगा। जबकि पहले 25 प्रतिशत स्टाफ को छुट्टी दे दी जाती थी। इमरजेंसी छुट्टी में भी शर्त यह रहेगी कि संबंधित जवान अपनी छुट्टी की एप्लीकेशन अपने आला अफसर को देगा और आला अफसर इस बाबत उसका व्यक्तिगत इंटरव्यू करेगा। इसके बाद यह तय होगा कि संबंधित इमरजेंसी कारणों के आधार पर जवानों को छुट्टी दी जा सकती है या नहीं। यह व्यवस्था सिर्फ कोविड काल के मद्देनजर बनाई गई है। इसके साथ-साथ जिन वायुसेना जवानों को अभी वैक्सीन की सिर्फ एक डोज लगी है, उन्हें छुट्टी काटकर आने पर 14 दिन क्वारंटीन रहना पड़ेगा। जबकि दोनाें डोज लग जाने वाले जवानों को एहतिहातन केवल तीन से चार दिन होम आइसोलेट रहना होगा।
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जहां कमी, वहां मालवाहक विमानों से पहुंचेंगे ऑक्सीजन कंटेनर
इस वक्त ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर जो हालात बने हुए हैं। उसके मद्देनजर वायुसेना ने क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर की एयरलिफ्टिंग शुरू कर दी है। इसके लिए एयरफोर्स के मालवाहक विमान सी-17 और आईएल-76 को एयरलिफ्टिंग टास्क दी गई है। इन विमानों में बड़े-बड़े ऑक्सीजन कंटेनरों को उस इलाकों में पहुंचाया जा रहा है, जहां कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी है।
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पीटी परेड फिर बंद, योग पर जोर
उधर, सेना ने भी फिर से सुबह यूनिटों की होने वाली पीटी परेड फिर से बंद करवा दी है। इसकी बजाए जवानों को योग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बैरकों में रहने और मैस में खाने के दौरान जवानों को पूरी तरह सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। कोविड के लक्षण महसूस होने वाले जवानों तुरंत कोविड अस्पतालों में संपर्क करने को कहा गया है। इसके अलावा सभी यूनिटों के अफसर यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके शत प्रतिशत जवानों ने कोरोना का टीका लगवा लिया है। साथ ही जवानों बाहरी लोगों के संपर्क में ज्यादा न आने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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