माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों की टीम ने सोमवार को खेतों पर जाकर धान की कटाई के प्रयोगों का निरीक्षण किया, ताकि धान की पैदावार का सही अनुमान लगाया जा सके। इसी के आधार पर बीमित धान का किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
कृषि विभाग के सहायक सांख्यिकी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार जांगड़ा ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष खरीफ-2025 में धान फसल के कटाई प्रयोगों का कार्य चल रहा है, जिसके आधार पर हर गांव की औसत फसल पैदावार निकाली जाती है। इस औसत पैदावार के आधार पर ही संभावित उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है। साथ ही पिछले वर्षों के आधार पर इस औसत पैदावार से कम पैदावार वाले सभी बीमित किसानों को हुए नुकसान पर फसल का मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से दिया जाता है। इसी को लेकर सोमवार को संयुक्त निदेशक सांख्यिकी, कृषि विभाग हरियाणा डॉ. राजीव कुमार मिश्रा ने जिला के कृषि अधिकारियों के साथ जिला में चल रहे फसल कटाई प्रयोगों का निरीक्षण किया।
डॉ. राजीव कुमार मिश्रा ने अपनी उपस्थिति में ही गांव घोलपुरा (17) व पस्ताना (11) खंड नीलोखेड़ी में फसल कटाई प्रयोगों का कार्य पूर्ण करवाया। विभिन्न गांवों में किसानों से धान कटाई के कार्य से संबंधित समस्या के बारे में जाना व कृषि कार्य से संबंधित विभिन्न सुझाव भी किसानों को दिए।