फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केस दर्ज होने के बाद नौ दिन में आरोपी बदले कई ठिकाने

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के बाद फरार चल रहे नगर निगम के एसई दीपक किग्गर ने नौ दिन में कई ठिकाने बदले। वह हरियाणा के अलावा गुजरात के कई जिलों में रहा। आखिर वीरवार सुबह पांच बजे फरीदाबाद स्थित उसकी बहन के आवास से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सीआईए-2 के प्रभारी मोहन लाल के अनुसार पुलिस की टीम ने आरोपी एसई को पकड़ने के लिए एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर छापामारी की। पहले करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित अन्य जिलों में पुलिस की टीम गई। जब आरोपी के गुजरात में होने की सूचना मिली तो वहां भी कई जिलों में दबिश दी गई लेकिन पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी वहां से भी निकल गया। करनाल में पिछले 15 दिन में तीसरे अधिकारी की भ्रष्टाचार में संलिप्तता पाई गई है। डीटीपी विक्रम और तहसीलदार राजबख्श को न्यायिक हिरासत में भी भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोपी एसई की अगले माह है रिटायरमेंट
आरोपी एसई कई साल से करनाल में कार्यरत था। अप्रैल 2022 में उसकी रिटायरमेंट भी है। ऐसे में अब भ्रष्टाचार के मामले में फंसने से उसे मिलने वाला फंड एवं अन्य सुविधाओं पर भी ब्रेक लग जाएगा। रिश्वत लेते वीडियो बनाने के बाद कर्मचारी ने एसई से पैसों की मांग की थी। एसई शिकायत के बाद खुद ही भ्रष्टाचार में फंस गए।
अब तक का घटनाक्रम
- 17 दिसंबर 2021 को एसई ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ फर्जी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने की शिकायत दी थी।
- 27 दिसंबर को दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
- आरोपियों के मोबाइल में सेव एसई के लेन-देन करते हुए 32 वीडियो सामने आए।
- 29 दिसंबर 2021 को एसई को सस्पेंड कर दिया गया और वीडियो की जांच डीसी ने एडीसी को सौंप दी।
- 15 मार्च 2022 को एडीसी ने वीडियो की जांच रिपोर्ट दी और उसी के आधार पर करप्शन एक्ट में एसई और उनके पीए के खिलाफ केस दर्ज हो गया।
- 16 मार्च को गिरफ्तार पीए को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया।
- 17 मार्च को पीए को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
- 21 मार्च को करनाल की अदालत में एसई ने अग्रिम जमानत की याचिका लगाई, जो खारिज हो गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें