संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नया सत्र शुरू हुए दो सप्ताह बीत चुके हैं लेकिन शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत एंट्री लेवल कक्षाओं की सीटों का डाटा समय पर अपलोड न करने से जिले में हजारों बच्चों के दाखिले प्रभावित हो चुके हैं। जिले के 160 सीबीएसई स्कूलों में से 58 स्कूलों ने तय समय सीमा तक सीट डिक्लेरेशन पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं की। इससे करीब 10 हजार सीटों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई और जरूरतमंद बच्चों के दाखिले अटक गए।
विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। विभाग के निर्देश के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर डिफॉल्टर स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद कर दिया था लेकिन अब 17 मार्च तक दोबारा पोर्टल शुरू किया गया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नीलम कुंडू ने कहा कि जिन 58 स्कूलों ने सीट डिक्लेरेशन नहीं किया था, उनमें से अधिकांश स्कूलों की जानकारी अब विभाग के पास पहुंच चुकी है।
- ब्लॉक-वार स्थिति
आंकड़ों के अनुसार, इन 58 स्कूलों में 17 सीनियर सेकेंडरी, 22 हाई, 12 मिडिल और 7 प्राइमरी स्कूलों ने डाटा अपलोड नहीं किया था। ब्लॉक स्तर पर देखें तो सबसे ज्यादा 36 स्कूल करनाल ब्लॉक से हैं जबकि नीलोखेड़ी से 8, असंध से 6, निसिंग से 5, घरौंडा से 2 और इंद्री से 1 स्कूल शामिल हैं।
वर्जन-
जिन स्कूलों ने अब भी सीटों का विवरण नहीं भरा है, उनका एमआईएस पोर्टल बंद किया जाएगा और कार्रवाई भी होगी। स्कूलों को पहले जुर्माना भरना होगा, तभी पोर्टल चालू किया जाएगा। - नीलम कुंडू, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी