संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हैबतपुर गांव में 11 हजार वोल्ट के तार से करंट लगने से 42 वर्षीय किसान राजेश कुमार की मौत हो गई। तार किसान के खेत में जमीन से पांच फुट की ऊंचाई पर था। ्बिजली निगम की लापरवाही और पुलिस की ओर से केस दर्ज न किए जाने से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने नीलोखेडी-ढांड-कारसा रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया।
इससे यातायात बाधित हो गया। ग्रामीणों ने बिजली निगम के कर्मचारियों और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में डीएसपी विक्रमजीत ने बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। करीब एक बजे से चार बजे तक तीन घंटे जाम लगा रहा।
इसके बाद निगदू थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। डीएसपी विक्रमजीत ने बताया कि पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोप की जांच की जाएगी। शनिवार रात को हैबतपुर में किसान राजेश कुमार के खेतों में 11 हजार वोल्टेज की तार टूट गई।
इसकी शिकायत बिजली निगम को दर्ज करवाई गई। सूचना मिलने पर निगम के कर्मचारी रविवार सुबह पांच बजे टूटी तार को ठीक करने के लिए आए।
जहां पर उन्होंने टूटी तार को जोड़कर बिना खंभे पर खींचे जमीन से पांच फुट की ऊंचाई पर छोड़ दिया। इसके बाद खेत की बिजली को चालू कर दिया। सुबह छह बजे राजेश खेत में आया और कस्सी से मेड बनाने लगा तो अचानक वह 11 हजार वोल्टेज के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गया। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर आए। लेकिन तब तक राजेश की मौत हो चुकी थी।
मौत से गुस्साए परिजनों ने निगदू थाना पुलिस से बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। जब पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो ग्रामीणों ने जाम लगा दिया।