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Karnal News: 40 साल पुरानी जर्जर लाइन, पुराने शहर समेत 10 कॉलोनियों में पहुंच रहा गंदा पानी

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श्याम नगर में आ रहा गंदा पानी।
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। शहर में भूजल की गुणवत्ता ठीक होने के बावजूद लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह पुरानी और जर्जर पाइपलाइनें हैं, जो कई इलाकों में 40 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। इन खस्ताहाल पाइपलाइनों से गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। पूरे शहर में करीब 180 ट्यूबवेल के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
पानी के स्रोत यानी भूजल में फिलहाल कोई बड़ी समस्या नहीं है, इसके बावजूद पुराने शहर समेत करीब 10 कॉलोनियों से रोजाना निगम के पास 10 से 15 शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। जहां सीवर का पानी पीने के पानी में मिलकर घरों में सप्लाई होता है। इनमें ज्यादातर शिकायतें सीवरेज की होती हैं जबकि कुछ शिकायतें पीने के पानी से संबंधित होती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह पानी में बदबू, मटमैलेपन और कभी-कभी कीड़े तक निकलने की शिकायतें मिल रही हैं।
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ज्यादातर शिकायतें इन वार्डों से

मुख्य रूप से वार्ड 7, 15, 17, 18, 19 में ज्यादातर शिकायतें सामने आती हैं। पुराने शहर के कलंदरी गेट, अर्जुन गेट, सुभाष गेट, बांसों गेट, जुंडला गेट, दयालपुरा गेट एरिया और इनके अंदर बसे मोहल्लों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। हालांकि शिकायत के बाद निगम यहां की जर्जर लाइनों को दुरुस्त तो करवा रहा है। बावजूद इसके यहां की जर्जर लाइनों का अब तक स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। इनके अलावा सेक्टर 14 पार्ट- 2, शाम नगर सेक्टर 16, रामनगर, गांधी नगर, शिव कॉलोनी, मंगलपुर कॉलोनी और चांद सराय एरिया में भी कई जगहों पर दूषित पानी आ जाता है। गंदा पानी पीने से डायरिया, उल्टी-दस्त, टाइफाइड और पेट संबंधी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोग मजबूरी में पानी उबालकर या बोतलबंद पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। इसके अलावा पीने के पानी के लिए वॉटर कैंपर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।



कहीं निगम की तैयारी, कहीं अमृत-2 का इंतजार

नगर निगम ने कुछ इलाकों में पुरानी पाइपलाइन बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जिन क्षेत्रों में समस्या ज्यादा गंभीर है, वहां नई पेयजल पाइपलाइन बिछाने के प्रस्ताव बनाए गए हैं। वहीं कई इलाकों में लोगों को केंद्र सरकार की अमृत-2 योजना के तहत पाइपलाइन बदलने का भरोसा दिया जा रहा है। हालांकि, जमीनी स्तर पर काम की रफ्तार धीमी होने से लोगों की परेशानी कम नहीं हो पा रही है।





- सेक्टर-16 में कभी पानी आना बंद हो जाता है तो कभी पानी में रेत आता है। यहां के नालों की सफाई नहीं होती। अंदेशा है कि नालों की वजह से ही पेयजल पाइपलाइन ब्लॉक हो रही है। - सीताराम, सेक्टर-16



- कॉलोनी में सप्लाई होने वाली पानी में बदबू आती है। यहां तक कि पानी का प्रेशर तक नहीं आता। जिससे पानी भर ही नहीं पाता। उन्हें मजबूरी में दूसरी जगहों से पानी भरकर लाना पड़ता है। -अनीता, अशोक नगर



- कॉलोनी में सप्लाई होने वाले पानी में केमिकल जैसे दुर्गंध आती हैं। यहां पर नालों की सफाई कराई गई थी लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं।
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- रजनी, आनंद विहार



- कई बार पानी गंदा और मटमैला आता है। पहले यहां पर तीन से चार बच्चे गंदा पानी पीने से बीमार भी हो चुके हैं। यहां पर हालात बेहद खराब हैं।
- संजू, चार चमन



वर्जन-

14420 पर शिकायत, दो से सात दिन में समाधान-

शहर के लोगों के लिए पीने के पानी की समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इसमें लीकेज की समस्या को दो दिन में हल करवा दिया जाता है। वहीं, अगर सीवर का गंदा पानी पेयजल में मिक्स हो रहा है तो उसे ठीक करने में अधिकतम एक सप्ताह का समय भी लग जाता है। निगम में प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तुंरत कार्रवाई होती है। शहर के लोग पीने के पानी में लीकेज या गंदा पानी जैसे शिकायतों के लिए निगम के हेल्पलाइन नंबर 14420 पर कॉल कर सकते हैं।

- सतीश शर्मा, एक्सईएन, नगर निगम
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