निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग के बीच चल रहे टकराव के कारण जिले के 1743 विद्यार्थी नियम 134ए के तहत दाखिलों से वंचित रह गए हैं। 15 जनवरी दाखिले की अंतिम तिथि थी, ऐसे में शनिवार तक महज 902 विद्यार्थियों का ही दाखिला हो पाया है। जबकि छह खंडों में कुल 2760 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए थे। स्कूलों ने विभिन्न कारण बताकर 115 विद्यार्थियों के दाखिले के आवेदनों को भी निरस्त किया है।
अब अंतिम तिथि निकल जाने के बाद अभिभावक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उनके बच्चों को आवंटित स्कूल में दाखिला मिलेगा या नहीं। पिछले स्कूल से भी वे एसएलसी कटवा चुके हैं। शनिवार की शाम तक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी अभिभावकों के इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए। वे भी निदेशालय की गाइडलाइन का इंतजार करते रहे। वहीं शाम तक भी अंतिम तिथि आगे बढ़ाए जाने की कोई सूचना नहीं आई।
शनिवार को भी जब अभिभावक दाखिले के लिए स्कूलों में पहुंचे तो स्कूल संचालकों ने उन्हें कोर्ट का स्टे बताकर वापस भेज दिया। जबकि शिक्षा विभाग की ओर से भी मनमानी पर उतरे ऐसे स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। स्कूलों ने विभाग को भी यही जवाब लिखकर भेज दिया है। इधर शिक्षा विभाग का कहना है कि प्रक्रिया पर कोई कोर्ट केस नहीं है।
285 स्कूलों को निर्देश, हर पात्र विद्यार्थी को दें दाखिला
शनिवार को स्कूलों के कोर्ट केस के जवाब पर शिक्षा विभाग ने उन्हें पत्र जारी करके कहा है कि दाखिला प्रक्रिया पर कोर्ट केस नहीं है। अदालत ने केवल सख्त कार्रवाई करने से मना किया है। ऐसा नहीं है कि स्कूल फिर भी मनमानी करते हुए दाखिला नहीं करेंगे। शनिवार को 285 स्कूलों को दोबारा जारी हुए निर्देश में विभाग ने कहा है कि हर पात्र विद्यार्थी को दाखिला देना होगा।
आज बढ़ सकती है अंतिम तिथि
अब तक तीन बार विभाग को स्कूलों की मनमानी के कारण दाखिला करने की अंतिम तिथि आगे बढ़ानी पड़ी। इसके बाद भी प्रदेश भर में कई विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह गए हैं। ऐसे में अब फिर दाखिले की अंतिम तिथि आगे बढ़ने का अनुमान है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो आज या कल में नई तिथि जारी हो सकती है।
पैसे खातों में आ गए, अब देना होगा दाखिला
जिले के जिन स्कूलों की फीस बकाया थी, उनके खातों में विभाग ने पैसे डलवा दिए हैं। कुल 1.62 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। जिन स्कूलों ने पोर्टल पर इसके लिए आवेदन नहीं किया था, उनके भी आवेदन मांगे गए हैं, उनकी फीस भी दी जाएगी। वहीं जिन स्कूलों को पिछले साल से पहले की भी फीस बकाया है, उसके आवेदन के लिए भी पोर्टल खोला जाएगा। सभी का भुगतान हो रहा है, ऐसे में स्कूलों को दाखिले देने चाहिए।
रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, करनाल