फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेरा संचालक महंत की गोली मारकर हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
डेरा संचालक महंत की गोली मारकर हत्या
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। जुंडला हथलाना रोड पर स्थित डेरा बाबा दीवान नाथ के संचालक महंत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव महात्माओं को सौंप दिया। पुलिस ने बाबा पारासर नाथ सहित तीन अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की हर पहलू पर मामले की जांच कर रही है। वहीं, मामले को बहलोलपुर स्थित विवादित जमीन को जोड़कर देखा जा रहा है। हत्या को लेकर संतों में पुलिस व प्रशासन समेत सरकार के खिलाफ खासा रोष है।
डेरा दीवान नाथ डेरे का संचालन महंत छोटू नाथ गिरी करते थे। सुबह साढ़े सात बजे एक किसान डेरे में पहुंचा और देखा कि तख्त पर बाबा छोटू नाथ मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। बाबा का सिर खून से लथपथ था। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना पर असंध डीएसपी दलबीर सिंह और सीआईए वन इंचार्ज बिजेंद्र सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
विज्ञापन

महंतों की मांग पर पुलिस ने शव का डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव महात्माओं को सौंप दिया। पोस्टमार्टम से पहले पुलिस ने महंत छोटू नाथ के सिर का एक्सरे कराया। एक्सरे में पुष्टि हुई है कि महंत की हत्या बांए कान के पास गोली मारकर की गई है, जबकि रात को डेरे पर मौजूद बाबा पारासर नाथ का फिलहाल कोई पता नहीं है। शाम को दीवान नाथ डेरे पर ही महंत के शव को समाधि दी गई। पुलिस ने आरोपी बाबा पारासर नाथ सहित दो अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
पांच दिन पहले बहलोलपुर के लोगों ने की थी महंत छोटू नाथ की पिटाई
पांच दिन पहले महंत छोटू नाथ किसी काम से डेरा बहलोलपुर पर गया हुआ था। वहां भी डेरे पर कब्जा करने वाले आरोपियों ने महंत छोटू नाथ के साथ मारपीट की थी। इस मामले की शिकायत छोटू नाथ और अन्य महात्माओं ने निसिंग थाना में दर्ज कराई थी। इस पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। संतों का आरोप है कि पिछले साल भी महंत संगम गिरी और सवेरा गिरी की मौत ट्राली से कुचलकर हो गई थी, जोकि बहलोलपुर के लोगों ने साजिश के तहत दोनों को मौत के घाट उतारा था। दोनों ही महंतों की मौत 16 दिन के अंतराल में हुई थी। लगातार संतों की मौत से संतों में रोष है।
सीएम संतों की बात सुन लेते तो बच सकती थी महंत की जान
अखाड़ा बाबा सहज गिरी करनाल के महंत स्वामी आत्मानंद पुरी ने कहा कि कुछ दिन पहले वह अपनी फरियाद लेकर गांव काछवा में सीएम मनोहर लाल के पास गए थे। इस पर मनोहर लाल ने उन्हें कह दिया कि उन्होंने ऐसा करके उनका अपमान किया है। सीएम ने कहा था कि तुम्हारी सजा है कि चंडीगढ आकर अपनी बात सुनाना, वह यहां उनकी बात नहीं सुनेंगे। अगर सीएम उस दिन संतों की बात सुनकर उन्हें सुरक्षा प्रदान कर देते तो महंत छोटू नाथ की जान बच सकती थी।
365 एकड़ जमीन को लेकर चल रहा है विवाद
गांव बहलोलपुर डेरा की 365 एकड़ 3 कनाल और 8 मरले जमीन को लेकर पिछले कई सालों से संतों और बहलोलपुर के एक समाज के लोगों के बीच विवाद चल रहा है। फिलहाल इसमें से 94 एकड़ संतों के पास है। आरोपी इस 94 एकड़ जमीन पर भी कब्जा करना चाहते हैं। इसलिए आए दिनों संतों के साथ झगड़े हो रहें है। बता दें कि पहले भी एक संत की हत्या और दो संतों की मौत इसी विवाद को लेकर हो चुकी है।
विज्ञापन

जुंडला के पास डेरे में महंत छोटू नाथ की हत्या की गई है। रात को डेरे पर बाबा परासर नाथ और दो अन्य लोग मौजूद थे। महंत की हत्या पर आरोपी परासर नाथ और तीन अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की हर पहलू पर जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल हत्या के कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा सकता।-ललित कुमार, सदर थाना प्रभारी, करनाल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें