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ठेकेदारों को 8.50 करोड़ का भुगतान, अब होगा अधूरी गलियों का निर्माण

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करनाल। एक साल पहले कराए गए करीब 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भुगतान नहीं होने से शहर के कई वार्डों में सौ से अधिक गलियां अधूरी पड़ी हैं। इस कारण मौजूदा मानसून में शहरवासियों को टूटी गलियों के गड्ढों और जलभराव से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने 30 जून के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद यह मुद्दा निगम की सामान्य बैठक में गूंजा। ठेकेदारों ने धरना दिया। जिस पर हरियाणा सरकार ने संज्ञान लेते हुए अब 8.50 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया है। जिससे अब नगर की अधूरी गलियों का निर्माण शुरू होने की संभावना बन गई है।
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बारिश से सीवरेज व्यवस्था फेल होने के कारण कई जगह जलभराव हुआ। लेकिन सर्वाधिक दिक्कत उन कालोनियों में देखी गई। जहां की गलियों को अधूरा छोड़ दिया गया। इनमें वार्ड दो, तीन, चार आदि की सर्वाधिक गलियां शामिल हैं। इन ठेकेदारों का भुगतान न हो पाने के पीछे कहीं न कहीं निगम अधिकारियों को बिलों को पूर्ण करके मुख्यालय भेजने में देरी को जिम्मेदार बताया जा रहा है। मुद्दा उठने के बाद निगम कमिश्नर डा. मनोज कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और करीब पचास फीसदी भुगतान जारी हो गया है।
मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहीं 39 वैध कालोनियां
-हरियाणा सरकार ने शहर की 39 कालोनियों को वैधानिकता प्रदान की थी। इसमें बसंत विहार, पृथ्वी विहार, दुर्गा कालोनी, उत्तमनगर, बाग कालोनी, बट्टा वाली कालोनी, एमसी कालोनी, कर्ण विहार, राजीवपुरम आदि कालोनियां शामिल थी। इनमें मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की है लेकिन अभी तक ये कालोनियां सुविधाओं के लिए तरस रही हैं।
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भुगतान न होने पर बीच में छोड़ा था काम
ठेकेदार संजीव चहल ने बताया कि 2017-18 में बसंत विहार आदि विभिन्न कालोनियों में विकास कार्य कराने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। इस कारण बिना फंड के ही निगम ने टेंडर जारी कर दिए थे। 2019 में कोई कार्य नहीं हुआ। 2020 में ठेकेदारों को विश्वास दिलाया है कि मामला मुख्यमंत्री की घोषणा का है तो धन तो आवंटित हो ही जाएगा, काम शुरू करा दो। ठेकेदारों ने विश्वास करके कार्य शुरू करा दिया। करीब 20 से अधिक ठेकेदारों ने 16 करोड़ रुपये से अधिक का निर्माण कार्य करा दिया लेकिन फंड जारी नहीं हुआ। नगर निगम के अधिकारी पल्ला झाड़ने लगे तो ठेकेदारों ने गलियों का कार्य धनाभाव के कारण बीच में ही छोड़ दिया।
पंचायत भवन में दिया था धरना
30 जून को निगम की सामान्य बैठक हुई थी, इसमें नगर के ठेकेदारों ने बैठक की शुरुआत से लेकर अंत तक लगातार बैठक स्थल पर पंचायत भवन में धरना दिया था। उस समय तो किसी भी निगम प्रतिनिधि ने ठेकेदारों की बात नहीं सुनी थी।
-काफी समय से रुके हुए करीब 16 करोड़ रुपये के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक दिन पहले ही 8.50 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया है। शेष भुगतान के भी शीघ्र जारी होने की उम्मीद है। शीघ्र ठेकेदारों से अधूरी गलियों का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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-डा. मनोज कुमार, आयुक्त नगर निगम करनाल
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