अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल अब बेअसर होने लगी है। हड़ताल पर गए ड्राइवर अपनी नौकरी बचाने के लिए लौट रहे हैं। गुरुवार हो पांच ड्राइवर हड़ताल से लौट आए। बस स्टैंड पर भी सूचारू रूप से आम दिनों से ज्यादा 229 बसे चलीं। इनमें रोडवेज की 149, 13 टूरिस्ट और 67 प्राइवेट बसे शामिल हैं।
यात्रियों को गुरुवार को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर सरकार ने यह साफ कर दिया कि सरकारी विभागों में प्रोबेशन पीरियड में चर रहे कर्मचारी अगर हड़ताल में शामिल होते हैं या समर्थन करते हैं तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा और तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया जाएगा। यह चेतावनी हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने प्रदेश के उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दी। मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों के सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दें कि वे कर्मचारियों की कार्यालयों में उपलब्धता सुनिश्चित करें और जो छुट्टी पर गए हुए हैं उनकी छुट्टी रद्द कर दी जाए, ताकि सरकारी सेवाएं बाधित न हों और लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
चंडीगढ़ भेजी जाएगी कर्मचारियों की हाजिरी
मुख्य सचिव ने कहा कि कर्मचारियों की हाजिरी की बॉयोमीट्रिक मशीन पर लगे और उनकी रिपोर्ट सुबह 11 बजे और सायं 4 बजे मुख्यालय चंडीगढ़ को अवश्य भिजवाएं। इसके अलावा गैर-हाजिर रहने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट भी मुख्यालय भेजें। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की ओर से पहले भी कई बार हड़ताल की जा चुकी है जिनका प्रशासन ने सफलतापूर्वक सामना किया है। इस बार भी प्रशासन द्वारा हड़ताल को मद्देनजर रखते हुए सभी सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया जाएं विशेषकर बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं आदि के अलावा लघु सचिवालय तथा उपमंडल स्तर पर स्थापित कार्यालयों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने जिला अधिकारियों को मुख्य सचिव के आदेशों की दृढ़ता से पालना करने के निर्देश दिए और कहा कि लापरवाह अधिकारी इसके लिए स्वयं जिम्मेवार होंगे। उन्होंने कर्मचारियों से भी अपील की कि सरकारी सेवाओं को बाधित न करें, अगर कोई कानून को अपने हाथ में लेगा तो प्रशासन उससे सख्ती से निपटेगा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक एसएस भौरिया, मार्केटिंग बोर्ड करनाल के क्षेत्रीय प्रचारक डॉ. सुशील कुमार, इंद्री के एसडीएम सुमित सिहाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।