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नगर पालिका इंद्री में भ्रष्टाचार के आरोप, केवल कागजों में गली बनाकर बिल कराने का आरोप

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नगर पालिका इंद्री में भ्रष्टाचार के आरोप, केवल कागजों में गली बनाकर बिल कराने का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री। नगरपालिका इंद्री के पूर्व पार्षदों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों से मिलीभगत कर लाखों रुपये फर्जी बिल तैयार कराए गए हैं। आरोप है कि केवल कागजों में ही गली बना दी गई और उनके बिल पास करा लिए गए। इस मामले की शिकायत पार्षद ने एसडीएम को सौंप कर जांच की मांग की है।
वार्ड नंबर 12 की पूर्व पार्षद शारदा रानी ने इंद्री के एसडीएम प्रदीप कौशिक को दी शिकायत में आरोप लगाया कि इंद्री के अधिकारियों ने ठेकेदार से मिलीभगत कर बिना कार्य करवाए ही बिल पास करा लिए। पूर्व पार्षद का कहना है कि वार्ड नंबर 12 में कुछ समय पहले गलियों के निर्माण से संबंधित टेंडर लगवाए थे। इनमें से एक गली पाला राम से पवन कुमार के घर तक व दूसरी गली का निर्माण कर्नल के घर से बलजिंद्र के घर तक करना था। पूर्व पार्षद का आरोप है कि इंद्री नगरपालिका में कुछ गिने चुने ही ठेकेदार हैं, जो अधिकारियों से मिली भगत करके टैंडर अपने नाम करवा लेते हैं। उनका कहना है कि वार्ड 12 में उक्त जिन दो गलियों का निर्माण ठेकेदार को करना था, उसने वह निर्माण अधिकारियों से मिली भगत कर कागजों में ही दिखाकर अपने बिल पास करवा लिए।
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बता दें कि नगरपलिका इंद्री की पूर्व प्रधान सुखविंद्र कौर का कार्यकाल विवादों में रहा है। कुछ समय पूर्व भी इंद्री के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने पूर्व प्रधान पर आरोप लगाए थे कि पूर्व प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 67 लाख के कार्य आदेश जारी किए हैं, जबकि नियम अनुसार कार्य आदेश पलिका अभियंता द्वारा ही जारी किए जा सकते हैं। इस बारे में एसडीएम प्रदीप कौशिक का कहना है कि पूर्व पार्षद की शिकायत मेरे पास आई है। इसको जांच के लिए नगर पालिका सचिव इंद्री के पास भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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