जिले में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की जान चली गई और 34 मजदूर घायल हो गए। इनमें से 4 महिलाओं की हालत गंभीर है। एक हादसा गांव समौरा के समीप मंगलवार को हुआ जब मनरेगा मजदूर अपना काम खत्म कर टेंपो में सवार होकर जा रहे थे तभी टेंपो का फायर फट गया और टेंपो पलट गया। जिससे उसमें बैठे करीब 34 मजदूर घायल हो गए। इनमें 29 महिलाएं और 5 पुरुष थे। गंभीर रूप से घायल 4 महिलाओं को करनाल रेफर किया गया है। अन्य मजदूरों का इलाज इंद्री सीएचसी में किया गया। महिला मजदूर सत्तो देवी, संतोष, रानी, शिमला देवी और सुनीता ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा मनरेगा के माध्यम से रंबा के पास ड्रेन की सफाई करवाई जा रही है। हम सभी बुटानखेड़ी से टेंपो में सवार होकर मजदूरी करने रंबा गए थे। जब हम काम खत्म कर वापस आ रहे थे, समौरा के पास टेंपो का टायर फट गया और टेंपो पलटने से यह हादसा हुआ। महिला सोमी, निर्मला, शीला देवी और सरोज को गंभीर चोटें लगी हैं।
दूसरा हादसा
पिता को खाना देकर घर लौट रहा था बेटा, कार ने मारी टक्कर
इंद्री के गांव खानपुर निवासी जयभगवान ने बताया कि वह पावर हाउस में चौकीदार है। 17 जून को उसका बेटा 22 वर्षीय रुस्तम बाइक पर सवार होकर पावर हाउस पर खाना देने आया था। रोटी देकर जब वह घर लौट रहा था तो एक आई-20 कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी थी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे करनाल के मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया। वहीं पर उसका इलाज चल रहा था क्योंकि उसके सिर में गंभीर चोट लगी थी। सोमवार रात उसने दम तोड़ दिया। रुस्तम के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाए कि हादसा हुए कई दिन बीत गए लेकिन अभी तक पुलिस आरोपी ड्राइवर को पकड़ नहीं सकी। वहीं रुस्तम की मौत की सूचना इंद्री थाना को दी गई थी लेकिन दोपहर तक कोई भी पुलिस कर्मचारी पोस्टमार्टम में नहीं पहुंचा।
तीसरा हादसा
अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
पंजाब के भठिंडा निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी बोलेरो महिंद्रा में पठानकोट से लीची लेकर फरीदाबाद सब्जी मंडी के लिए चला था। जब वह जीटी रोड पर करनाल की तरफ आ रहा था, सड़क के बीच में एक व्यक्ति पड़ा था। उसे बचाने के लिये मैंने तुरंत गाड़ी का कट मारा तो मेरी गाड़ी डिवाइडर के पास पलट गई। गाड़ी से बाहर निकलकर जब मैंने जीटी रोड पर उस व्यक्ति को देखा तो किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मारी थी और उसकी मौत हो गई।