माई सिटी रिपोर्टर
मूनक (करनाल)। गगसीना गांव में नौकरी के नाम पर 21 लाख रुपये की ठगी से आहत युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उपचार के दौरान वीरवार को करनाल के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने स्टौंडी निवासी दो लोगों पर आरोप लगाए हैं। आरोपियों ने जीएनएम युवक को मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में उसे काम करने के लिए भेजा गया। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
गगसीना निवासी अजमेर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके भाई सुरेश के बेटे सुखविंदर को राजेश निवासी स्टौंडी ने नौकरी लगवाने के नाम पर 17 लाख रुपये और फिर चार लाख रुपये लिए। दो महीने बीतने के बाद जब नौकरी नहीं लगी तो बुधवार सुबह सुखविंदर, राजेश से करनाल के एक निजी अस्पताल में मिलने गया। जहां राजेश ने सुखविंदर को यह कहकर भगा दिया कि तुझे जो करना है कर ले, रुपये वापस नहीं मिलेंगे। इस बात से आहत सुखविंदर ने खेत में आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। पड़ोसी सुनील जब अपने खेत में गया तो उसने सुखविंदर को तड़पता देखा। इसकी सूचना सुखविंद्र के चाचा अजमेर को दी। रात 9 बजे उसे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, जहां उसने वीरवार को दम तोड़ दिया। उनका आरोप है कि सुखविंद्र की मौत राजेश और उसके साथी के दबाव में जहर खाने के कारण हुई है।
जमीन का बयाना लेकर दी थी रकम, मां को फोन पर बताई बात
चाचा अजमेर के अनुसार, सुखविंदर ने यह रकम अपना आधा एकड़ जमीन का बयाना लेकर दी थी। कुल 21 लाख रुपये लेने के बाद भी उनके भतीजे सुखविंदर ने राजेश के दबाव में आकर लेनदेन का यह मामला किसी को नहीं बताया। खेत में जहरीला पदार्थ निगलने के बाद फोन पर सारी बातें उसने अपनी मां कमलेश को बताई। तब जाकर परिवार को मामले का पता चला।
डेढ़ साल की है बेटी, परिवार में गम का माहौल
27 वर्षीय सुखविंद्र की करीब चार साल पहले शादी हुई थी। डेढ़ साल की एक बेटी है। जिसके सिर से पिता का साया उठा है। वीरवार को सुखविंद्र की मौत के बाद परिवार ने गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया। परिवार के सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल है।
मामला दर्ज कर लिया है। जांच के बाद ही कुछ बता पाएंगे। फिलहाल मृतक के परिजनों ने दो लोगों पर ठगी के आरोप लगाए हैं। शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
-जगदीश कुमार, थाना प्रभारी, मूनक