करनाल। सेक्टर 35 स्थित पार्श्वनाथ सिटी निवासी राजीव कुमार डबास के मोबाइल पर ई-चालान की फाइल भेजकर साइबर ठगों ने 1.20 लाख रुपये की ठगी कर ली। रुपये कटने के तुंरत बाद शिकायतकर्ता ने 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद साइबर थाना पहुंचे। लेकिन बार-बार चक्कर काटने के बाद वारदात के तीन माह बाद प्राथमिकी दर्ज हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है साइबर थाना पुलिस कह रही है कि उनके खाते की राशि सरकारी खाते में गई है, इसलिए वो वापस नहीं आ सकती। साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है।
सेक्टर 35 पार्श्वनाथ सिटी निवासी राजीव कुमार डबास ने बताया कि 16 सितंबर को वो किसी काम से इंद्री गए हुए थे। उनके फोन में ई-चालान नाम से फाइल आई। उन्होंने फाइल को खोल लिया। इसी दौरान फोन बंद हो गया। बारिश होने के कारण उन्होंने ध्यान नहीं दिया। रात को करीब आठ बजे उनके बैंक खाते से 1.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने इसकी शिकायत 1930 पर की थी। फिर भी उनकी राशि अब तक वापस नहीं आई। इसके बाद वो शिकायत दर्ज करवाने के लिए कई बार साइबर थाना में आए थे। वहां कई बार बुलाया गया। जब प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो एसपी गंगाराम पुनिया से मिले। जब वो 9 दिसंबर को साइबर थाना पहुंचे तो वहां उन्हें कहा गया कि उनके ये रुपये वापस नहीं आएंगे।
उन्हें बताया गया कि उनके ये रुपये सीएससी ई-गर्वेनेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड के खाते में गए हैं। यह सरकारी खाता है, इसलिए ये रुपये वापस नहीं आएंगे। साइबर थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उन्होंने अपील की कि मोबाइल फोन पर आई डॉट एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। ऐसी फाइल साइबर ठगों की ओर से भेजकर ठगी की जाती है।