करनाल। गांव बल्ला में कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी की 15 जुलाई की प्रस्तावित जनसभा को लेकर फिलहाल तनाव और टकराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फिलहाल न तो आयोजक पीछे हटने को तैयार है और न ही ग्रामीण। एक तरफ खुद सांसद सैनी गांव बल्ला में जाने की जिद कर रहे हैं, जबकि ग्रामीणों ने पंचायत करके खुलेतौर पर सांसद के गांव में घुसने का विरोध किया है। साथ ही प्रशासन को भी अल्टीमेटम दिया था कि अगर सांसद गांव में आता है तो इससे भाईचारा खराब हो सकता है, लेकिन अभी तक ये तय नहीं हो पाया है कि कार्यक्रम होगा या नहीं। होगा तो गांव के बाहर या फिर से अंदर? इन सवालों का जवाब प्रशासन के पास भी नहीं है।
गौरतलब है कि पिछले कई दिन से गांव में सांसद सैनी के कार्यक्रम को लेकर विवाद चल रहा है। गांव के ही सोमबीर ने सांसद सैनी का कार्यक्रम रखा था, कार्यक्रम रखते ही विवाद हो गया। उधर, जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से इसी दिन गांव के अंदर 36 बिरादरी भाईचारा का कार्यक्रम रखा है। ऐसे में एक तरफ सांसद का कार्यक्रम और दूसरी ओर भाईचारा सम्मेलन होने से टकराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन पिछले तीन से को शिश कर रहा है कि किसी प्रकार से मामला निपट जाए। दो दिन पहले एसडीएम असंध, डीएसपी राजीव व वीरेंद्र सैनी ने दोनों पक्षों से अलग अलग बैठक करके उनका पक्ष जाना था। न तो आयोजक पक्ष गांव से बाहर सांसद का कार्यक्रम कराने पर राजी हुआ और न ही गांव के अन्य लोग सांसद के गांव में अंदर आने को तैयार हुए। दोनों पक्ष अपनी अपनी जिद पर कायम हैं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों ने डीसी व एसपी से मिलकर अपनी बात रखी है, साथ ही कहा है कि अगर गांव में सांसद आते हैं तो विवाद हो सकता है, इसलिए उनको गांव के अंदर ही नहीं, वहां के रास्ते से जाने से भी रोका जाए। हालांकि, प्रशासन इस मामले को लेकर कुछ भी तय नहीं कर पाया है। इस बारे में डीएसपी राजीव कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। उम्मीद है कि मामले को सुलझा लिया जाएगा। पूरे प्रकरण पर पुलिस की नजर है। सभी ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है, अगर किसी ने कानून हाथ में लिया तो उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।
दोनों पक्षों के अपने अपने तर्क
इस बारे में आयोजक सोमबीर का कहना है कि लोकतंत्र ने हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का हक है। क्या एक सांसद एक गांव में नहीं जा सकता? ये केवल धक्काशाही है। प्रशासन को चाहिए कि जो लोग इस कार्यक्रम में विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनको समझाए। हमारी ओर से किसी भी तरह का कोई विवाद पैदा नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नफे सिंह मान का कहना है कि क्या ऐसे व्यक्ति को गांव आने दिया जाए, जो एक समाज के खिलाफ जहर उगलता है। ऐसे व्यक्ति के आने से गांव का वर्षों पुराना चला आ रहा भाईचारा खराब हो सकता है, इसलिए हम भाईचारा को बचाने और शांति रखने को सांसद के गांव में नहीं आने की बात कह रहे हैं। ये बातें प्रशासन को बता दी गई हैं।