अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कुंडा कलां गांव की महिलाओं ने सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए पानी निकासी की समस्या का समाधान करवाने की मांग की। महिलाओं ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। महिलाओं ने एक माह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर शौचालय के पानी की निकासी व्यवस्था नहीं की गई तो मजबूरन उन्हें गांव से पलायन करना पड़ेगा और वे सीएम सिटी में डेरा डालने पर मजबूर होंगे। बुधवार को कुंडा कलां की महिलाएं बाल्टी व डिब्बे हाथों में लेकर करनाल जिला सचिवालय पहुंची। इस मौके पर युवा बोलेगा मंच से प्रदेश अध्यक्ष जेपी शेखपुरा, करनाल अध्यक्ष रवि भाटिया, महिला अध्यक्ष राज साध्वी सोनी, उपाध्यक्ष किरण व मीडिया सचिव संजू मलिक और कोषाध्यक्ष आजाद सिंह भी मौजूद रहे।
स्वच्छता अभियान के तहत गांव में बनवाए थे 300 शौचालय
महिलाओं ने बताया कि 2016 सितंबर में स्वच्छता अभियान के तहत सरपंच ने ग्रामीणों पर दबाव बनाया था कि यदि उन्होंने शौचालय नहीं बनवाए तो उनके राशन कार्ड काट दिए जाएंगे। ग्रामीणों को कहा गया था कि यदि वे शौचालय बनवा लेते हैं तो उन्हें 25 से 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद गांव में करीब 300 शौचालय बनवाए गए। गांव में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी तो घर के आगे गड्ढे खोदे गए, जिनमें शौचालय का पानी आता है। जब वह गड्ढे भर जाते हैं तो बाल्टियों और डब्बों के साथ निकालना पड़ता है। यही नहीं फिर इस पानी की निकासी भी नहीं हो पाती। गांव में बदबू का माहौल बन जाता है और बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहता है। गुस्साए ग्रामीणों ने जिला सचिवालय के सामने ही बाल्टियां और डिब्बे फेंक दिए।
ग्रामीणों ने मांगा ठोस जवाब
जब तहसीलदार ज्ञापन लेने पहुंचे तो युवा बोलेगा मंच की टीम व ग्रामीणों ने उन्हें ठोस आश्वासन देने को कहा तो वे वापस चले गए। इसके बाद एडीसी की स्वच्छता अभियान की टीम से राजीव शर्मा और राजकुमार वहां पर पहुंचे। ग्रामीणों ने जहां से पानी की निकासी की जा सकती है, उस रास्ते के दस्तावेज टीम को सौंपे और टीम को ज्ञापन सौंपा। टीम ने मामले का संज्ञान लेते हुए कुंडकला में जाने के लिए रवाना हुई। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। इस मौके पर सविता पंच, राज सिंह पंच, इश्वर सिंह, राकेश, देवी सिंह, नीलम, रीना देवी, निर्मला, चंद्रपाल, धर्मबीर, चतर सिंह, सुरेंद्र, रमेश सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
शादी का कार्ड दिखाते हुए रोया दुख
ग्रामीण महिला ने बताया कि 15 जुलाई को मेरी ननद की शादी है और बारात की तरफ से गांव की पानी निकासी व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई है। महिला ने बताया कि ऐसे में वह क्या करें और कहां जाएं। गांव में शादी, ब्याह करना मुश्किल हो गया है। युवा बोलेगा मंच के प्रदेश अध्यक्ष जेपी शेखपुरा ने कहा कि यदि एक महीने के अंदर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पूरे गांव की महिलाएं अपने चूल्हा, बर्तन व खाट लेकर सीएम सिटी की ओर पलायन कर देंगे। उन्होंने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि डिजिटल इंडिया के चलते गांव की महिलाओं हाथों से गड्ढों से पानी निकालने को मजबूर हैं। यह एक बड़ा चिंता का विषय है।