फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट पश्चिमी बाईपास कब होगा पास

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। सीएम मनोहर लाल का ड्रीम प्रोजेक्ट पश्चिमी बाईपास का प्रोजेक्ट अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से बार-बार लटक रहा है। हालात ऐसे हैं कि इस साल ये प्रोजेक्ट सिरे चढ़ना मुश्किल नजर आ रहा है। बार-बार देरी होने से जहां शहरवासियों को जाम से जुझना पड़ रहा है, वहीं इससे अधिकारियों की भी संजीदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक बार फिर से प्रशासन ने इसका निर्माण पूरा होने को लेकर नवंबर माह की अंतिम तिथि तय की है, लेकिन जिस प्रकार धीमी गति से कार्य चल रहा है, उससे लग रहा है कि इसके लिए शहरवासियों को अगले साल का इंतजार करना होगा।
बता दें कि करीब 57 करोड़ से बनने वाले इस बाईपास का सीएम मनोहर लाल ने 8 फरवरी 2016 को शिलान्यास किया था। इसका निर्माण कार्य जुलाई 2016 में शुरू हुआ था। अधिकारियों ने तब 31 मार्च 2018 की डेड लाइन से तीन माह पहले 31 दिसंबर 2017 तक ही कार्य पूरा करने का दावा किया था। हर बार अधिकारी दावा करते रहे, लेकिन प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ा और बार-बार देरी होती रही। मार्च के बाद अक्टूबर माह का टारगेट रखा गया, लेकिन यहां भी यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया। अब फिर से नवंबर माह की अंतिम तिथि तय की गई है। हालांकि, अभी तक बाईपास के लिए सड़क को बना दी गई है, लेकिन रास्ते में पड़ने वाली रेल लाइन के लिए पुल बनाया जा रहा है। इसका कार्य अभी भी अधूरा है। अधिकारियों का दावा है कि नवंबर माह में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन धीमी गति से कारण ये दावे भी खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन


हादसों और जाम से जूझ रहा शहर
बता दें कि असंध व कैथल से आने वाले वाहनों की संख्या ज्यादा रहती है, इसलिए कैथल पुल और हांसी चौक पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है। हालांकि, बाईपास पर काछवा रोड तक बाईपास का प्रयोग करने लगे हैं, क्योंकि रास्ते मेें रेलवे अंडरब्रिज का कार्य चल रहा है, इसलिए वे सीधे कर्ण लेक पर नहीं जा पा रहे हैं और वापसी वाहन चालकों को शहर में से ही गुजरना पड़ रहा है। शहर में वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण जाम की स्थिति रहती है। इसके अलावा, कैथल की ओर से आने वाले भारी वाहनों के रस के कारण हांसी रोड पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोग शहर के अंदर से होकर गुजरने वाले हैवी वाहनों के कारण परेशान हैं।

अंडरब्रिज का कार्य जारी
पश्चिमी बाईपास के रास्ते रेलवे लाइन भी पड़ती है, जहां पर रेलवे अंडरब्रिज बनाया जा रहा है। आरयूबी के लिए बॉक्स बन गए हैं, लेकिन ब्लॉक बनाने के लिए डीआरएम ऑफिस से परमिशन का इंतजार किया जा रहा है। यह परमिशन मिलने पर आरयूबी के स्थान से सभी ट्रेन 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ही चल पाएंगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है उन्होंने इसी माह परमिशन मांग रखी है। परमिशन मिलने पर एक महीने में बॉक्स लगाने का काम पूरा कर दिया जाएगा।

कागजों में ही दब गया घोघड़ीपुर तक सेकेंड फेज के पश्चिमी बाईपास का निर्माण कार्य
पश्चिमी यमुना नहर कैथल पुल से लेकर कर्ण लेक तक सरकार ने पश्चिमी बाईपास को निर्माण तो कर दिया है, लेकिन कैथल यमुना नहर पुल से लेकर घोघड़ीपुर तक सेकेंड फेज के पश्चिमी बाईपास और आगे के रिंग रोड के निर्माण पर सरकार चुप बैठी है। पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब साढ़े 44 करोड़ रुपये का प्रपोजल इस्टीमेट सरकार को भेज चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जबकि करनाल सरकार के लिए पश्चिमी बाईपास का फेज-2 व रिंग रोड लाइफ लाइन से कम नहीं है। बता दें कि पश्चिमी बाईपास के फेज-2 का निर्माण होने और घोघड़ीपुर के पास से हांसी रोड को क्रॉस करते हुए बजीदा फाटक अथवा करनाल की साइड से बजीदा गांव से पहले रिंग रोड बनने से वाहन जीटी रोड पर पहुंचना का प्रोजेक्ट है। ऐसा होने पर ही शहर के अंदर असंध व कैथल की तरफ से आने वाले वाहनों की शहर में नो एंट्री हो सकेगी। ऐसा होने पर फिर भारी वाहनों को शहर के अंदर से ले जाने का कोई बहाना नहीं रहेगा।
विज्ञापन

..............
पश्चिमी बाईपास का निर्माण पूरा कर लिया गया है। रास्ते में रेलवे की ओर से आरयूबी बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि नवंबर के अंत तक इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद से बाईपास को चालू कर दिया जाएगा। हम लागातार इसको चेक कर रहे हैं।
-वीरेंद्र जाखड़, एसई, पीडब्ल्यूडी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें