करनाल। उपभोक्ताओं द्वारा पानी और सीवरेज का बिल नहीं भरा जा रहा है। नगर निगम भी बिल वसूली के लिए ठोस प्रयास नहीं कर रहा। करीब 10 हजार उपभोक्ताओं ने छह साल से पानी और सीवरेज का बिल नहीं भरा है। जिससे नगर निगम को करीब 4.32 करोड़ के राजस्व का नुकसान झेलना पड़ा है। बिल जमा न होने का मुख्य कारण पेयजल विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की हीलाहवाली भी है, क्योंकि विभाग द्वारा बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती। नगर निगम के अधीन पानी के 39677 व सीवरेज के 25829 कनेक्शन हैं। जिनमें से करीब 10 हजार उपभोक्ताओं ने 6 साल या इससे अधिक समय से बिल जमा नहीं करवाया है। संवाद
60 रुपये प्रतिमाह आता है बिल
नगर निगम द्वारा उपभोक्ताओं से 60 रुपये प्रतिमाह बिल लिया जाता है। जिनमें 48 रुपये पानी और 12 रुपये सीवरेज का बिल शामिल है। हैरानी की बात यह है कि विभागीय अधिकारी भी उपभोक्ताओं से यह बिल भरवाने के लिए ठोस प्रयास नहीं करते।
जो उपभोक्ता नियमित पानी और सीवरेज का बिल नहीं भर रहे उन्हें नोटिस दिया जाएगा। सभी उपभोक्ताओं का नियमानुसार विभाग में बिल जमा करवाना अनिवार्य है।
अक्षय भारद्वाज, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम