Worshiped Mother Brahmacharini on the second day
- फोटो : Kaithal
नवरात्र पर्व के दूसरे दिन जिले भर के मंदिरों में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। पर्व को लेकर शहर के सभी माता मंदिरों को सजाया गया है। बाजारों में भी खरीदारी करने वाले भक्तों की भीड़ लगी हुई है।
इन नौ दिनों में माता के नौ अलग-अलग रूपों में पूजा की जाती है। बड़ी देवी मंदिर पुजारी शिवचरण ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ-ब्रह्म मतलब तपस्या और चारिणी का अर्थ आचरण करने वाली देवी होता है। मां ब्रह्मचारिणी के हाथों में अक्ष माला और कमंडल सुसज्जित हैं। अगर मां का सच्चे मन से पूजन किया जाए तो व्यक्ति को ज्ञान सदाचार लगन, एकाग्रता और संयम रखने की शक्ति प्राप्त होती है। अगर मां का सच्चे मन से पूजन किया जाए तो व्यक्ति को ज्ञान सदाचार लगन, एकाग्रता और संयम रखने की शक्ति प्राप्त होती है।
मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का दर्शन करने के लिए तांता लगा रहा। नवरात्र पर्व के तहत रविवार को दूसरे नवरात्र के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना कर मंगल कामना की। नवरात्रों से संबंधित सामान खरीदने वाले श्रद्धालु प्रसाद, आलू, कुट्टू के आटे की खरीदारी कर रहे है। नवरात्र को लेकर श्री सनातन धर्म मंदिर, बड़ी देवी मंदिर व कोठी देवी मंदिर, हनुमान वाटिका, शिव शक्ति धाम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मां दुर्गा के स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की। श्रद्धालु मंदिरों में जयकारे लगाते हुए पहुंचे। मां भगवती के दर्शनों के लिए महिलाओं की संख्या अधिक रही।