अपने सपनों को सिर्फ वही लोग पूरा कर पाते हैं, जो जी तोड़ मेहनत करते हैं और रास्ते में आने वाली सभी चुनौतियों और संघर्ष का डटकर सामना करते हैं। हम सभी को अपनी जिंदगी में सपने देखने चाहिए और उन्हें पूरा करने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। यह कर दिखाया है कैलरम के किसान जगदीप सिंह नायक ने। जगदीप सिंह भूमिहीन और कम पढ़ा लिखा किसान है। उसने मशरूम की खेती कर अपनी लगन और मेहनत के दम पर अच्छा नाम कमाया।
एक विशेष बातचीत में गांव कैलरम के किसान जगदीप सिंह नायक ने बताया कि वह आठवीं पास हैं। उनके पास न नौकरी थी न ही उनके पास जमीन थी। कई सालों तक उसने कोई काम नहीं मिला। किसान जगदीप ने अपने मित्र अमरजीत को अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बताया। अमरजीत ने जगदीप को कृषि विज्ञान केंद्र में चल रहे मशरूम के प्रशिक्षण के बारे में बताया। जगदीप सिंह नायक ने कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा और डॉ. जसबीर के मार्गदर्शन से मशरूम का पांच दिन का प्रशिक्षण लिया।
इसके बाद उसने सन 2012 में 50 बैगों से मशरूम का काम शुरू किया था। शुरू में उसको काफी हानि हुई। लोगों में मशरूम के प्रति जागरूकता नहीं थी। अधिकांश लोग इसे सांप की छतरी बोलते थे। इसके बाद उसने संघर्ष जारी रखा और लोगों को मशरूम के प्रति जागरूक किया।
2013 में उसने 100 बैगों से मशरूम का काम शुरू किया। इसके बाद धीरे-धीरे 200, 400, 600 से हजार व अब 10 हजार बैगों की खेती करते हैं। शुरू में उन्होंने एक लाख 50 हजार रुपये लगाकर काम शुरू किया था। उसने बताया कि यदि वे इसमें 50 हजार रुपये लगाकर शुरू करते हैं तो पूरे सीजन में एक लाख 75 हजार रुपये बच जाते हैं। 90 दिनों का इसका सीजन होता है। उन्होंने बताया कि एक छोटे रूम से व्यवसाय की शुरुआत की थी। वर्तमान में एक एकड़, 12 कमरे और एक फार्म पर व्यवसाय कर रहे हैं। इसके अलावा मशरूम के उत्पाद भी बनाकर बेच रहे हैं। संवाद
मशरूम के बना रहे उत्पाद
किसान जगदीप ने बताया कि मशरूम के उत्पाद भी बनाने शुरू कर दिए हैं। जैसे कि मशरूम की बर्फी, आचार, चॉकलेट व मशरूम की कैंडी बनाई जा रही है। मशरूम की बर्फी 700 रुपये प्रति किलो, आचार 250 रुपये प्रति किलो व कैंडी 600 रुपये प्रति किलो है। उन्होंने बताया कि मशरूम में अंडा व मीट से छह प्रोटीन अधिक हैं। इसमें सबसे ज्यादा विटामिन ई की मात्रा होती है। यह कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए व सांस के मरीजों के लिए काफी लाभदायक है।
दस परिवारों को मिला रोजगार
उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे उनका उत्पादन बड़ा है वैसे ही उनके साथ 10 व्यक्तियों को और रोजगार मिला है। उनसे जुड़े परिवारों का भी अच्छा गुजर बसर हो रहा है। वर्तमान में वह तीन पार्टनर है। जगदीप नायक कैलरम, रामनिवास नायक बात्ता व रामनिवास चंदाना तीनों ने किसान समूह बनाकर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान, यूपी सहित अन्य प्रदेशों मशरूम के उत्पादों की काफी मांग बढ़ाई है।