कैथल। बुधवार को सुबह से दोपहर 12 बजे तक बारिश हुई। इसके बाद शहर की कई सड़कों पर जलभराव से लोगों को काफी दिक्कतें हुई। पूरे शहर में दो से तीन फीट तक सड़कों पर पानी जमा हो गया। राहगीरों को पानी से होकर निकलना पड़ा।
आंकड़ों के अनुसार, जिलेभर में औसतन 20.57 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश गुहला चीका क्षेत्र में 60 एमएम हुई है। बारिश के बाद भी उमस भी गर्मी से राहत नहीं मिली। दोपहर 12 बजे के बाद लोग पसीने से तरबतर दिखाई दिए। बारिश के बाद तापमान में एक डिग्री गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यहां पर जमा हुआ पानी
बारिश के बाद शहर की मुख्य सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। बारिश के बाद भी दो घंटे तक शहर की सड़कों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी रहे। लोगों को पानी से होकर ही अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। कई जगहों पर लोग पानी से गुजरते हुए गिर गए। इस कारण से उनके कपड़े भीग गए। शहरवासी दुकानदार टोनी, प्रवीन, संदीप, रजत, पंकज, गुरनाम ने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि बारिश के बाद लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।
उधर, किसान साहिल चहल, प्रदीप, महाबीर, कृष्ण, बलराज ने कहा कि बारिश धान की फसलों के लिए लाभदायक है। धान में बारिश खाद्य का काम करती है। धान रोपाई का कार्य पूरा हो चुका है। धान की फसल में फुटाव होगा और अच्छी पैदावार होगी।
उधर, आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिलेभर में औसतन 20.57 एमएम बारिश दर्ज की गई। 13 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चली। कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि आगामी दो दिन तक और बारिश होने की संभावना है इसलिए किसान कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से ही धान की फसलों में पानी लगाएं और जहां पर धान में पानी अधिक मात्रा में जमा होता है वहां से पानी निकासी की व्यवस्था रखें। ताकि धान की फसल को सुरक्षित रखा जा सके।
क्षेत्र
बारिश(एमएम)
कैथल
13
गुहला
60
कलायत
02
पूंडरी
09
ढांड
11
सीवन
17
राजौंद
32
कुल
144
औसतन
20.57 एमएम