लोगों में वीआईपी नंबर का क्रेज बरकरार है। रजिस्ट्रेशन पर लोग 20 हजार से लेकर 75 हजार रुपये तक खर्च कर रहे हैं। लोगों में वीआईपी नंबर की महंगी कार से लेकर स्मार्टफोन तक की हर जगह मांग है। एसडीएम कार्यालय से इस तरह की जानकारी मिली कि लोग अपने जन्मदिन, शादी की तारीख या फिर अन्य चहेते नंबर से मिलते-जुलते नंबर लेना पसंद कर रहे हैं।
चहेती तिथियों के हिसाब से नंबर लेने की होड़
अगर किसी वाहन के नंबर की बात करें तो कई लोग चाहते हैं कि उनकी जन्म की तारीख व शादी के दिन की तिथि या कोई और दिन जिसे वो बेहद पसंद करते हैं, उन्हें अपने वाहन नंबर के तौर पर इस्तेमाल करें। कई लोग इस तरह के नंबर को पाने के लिए शुल्क चुकाने के लिए भी तैयार रहते हैं। कई लोग खुद को अलग दिखाने के लिए भी इस तरह के नंबर का चुनाव करते हैं। इसका एक कारण यह भी होता है कि यह नंबर उन्हें आसानी से याद हो जाते हैं।
वाहनों पर रजिस्ट्रेशन के लिए 0001, 0002, 0003, 1111, 2222, 3333, 4444, 8888, 9000 सहित अनेकों ऐसे नंबर है। हालांकि इस तरह के नंबर की कीमत कई हजारों में होती है। ऐसे नंबरों को लेेने के लिए एक महीने में लगभग 200 के करीब ऑनलाइन आवेदन आ ही जाते हैं। वहीं इसके लिए विभाग ने खर्च भी निर्धारित खर्च किया है। ऐसे नंबरों के लिए 20 हजार से 75 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वीआईपी नंबर 786 के लिए 75 हजार, जन्मतिथि व शादी की तिथि के हिसाब से चहेते नंबर के लिए 20 हजार व चारों नंबरों की एक जैसी संख्या के लिए 50 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। विभाग से मिली जानकारी अनुसार यदि कोई नंबर के लिए आवेदन करता है तो उसे टोकन मिलता है। उस टोकन पर निर्धारित समय के अनुसार आवेदक को फीस जमा होती है। इसके बाद ही उसको नंबर मिलता है।