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पर छले पांच दिनों से पानी को तरस रहे हैं गांव शिमला के लोग

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कलायत। राज्यपाल द्वारा समस्या के समाधान के लिए दिए गए निर्देशों के बावजूद भी गांव शिमला के लोगों को पेयजल नहीं मिल रहा। भीषण गर्मी के मौसम में पिछले पांच दिनों से ठप पेयजल की व्यवस्था से आहत गांव के लोगों ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवा कर समस्या के निदान की मांग की है।
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ग्रामीण सूबे सिंह मोर ने बताया कि 10 अप्रैल को राज्यपाल गांव शिमला में आए थे। गांव की समस्याओं व जरूरतों को लेकर उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया था। गांव शिमला के अधिकतर लोगों ने केवल पेयजल की समस्या को राज्यपाल के सामने प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया कि गांव की रमना पट्टी व बहादुर पट्टी में आधे से अधिक गांव की आबादी रहती है। इसी क्षेत्र में विभाग पेयजल उपलब्ध ही नहीं करवा पा रहा। महिला अनु मोर, नरेश देवी, सीमा देवी, कमला, बिमला, कृष्णा, संतोष महिलाओं का कहना था कि पेयजल की समस्या उन्हें विरासत में ही मिली है। अधिकारी, नेता, मंत्री सभी के सामने दशकों से इस समस्या को रखा पर आश्वासन के सिवाय उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों को राज्यपाल ने तत्काल प्रभाव से समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे। उसके बावजूद भी समस्या जस की तस ही है। इस तपती गर्मी के मौसम में आखिर वे क्या करें।
जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता अजय ढुल ने कहा कि विभाग के पास पानी की कोई कमी नहीं है। गांव में जलापूर्ति को लेकर बिजली की समस्या आड़े आ रही है। गांव में संयंत्र की बिजली को खेतों से जोड़ा हुआ है, जिससे प्रतिदिन डेढ़ से दो घंटे ही बिजली मिल पा रही है। विभाग लगातार बिजली विभाग से पत्राचार कर रहा है कि गांव शिमला के पेयजल आपूर्ति संयंत्र की बिजली गांव के फीडर से जोड़ी जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या न रहे।
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