पूंडरी। बदनारा गांव के राजकीय प्राइमरी स्कूल में अध्यापकों की कमी के चलते ग्रामीणों ने शनिवार सुबह के समय स्कूल में ताला जड़ दिया। स्कूल में अध्यापकों की कमी व शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापक उपलब्ध न करवाने जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीणों का आरोप था कि पिछले करीब तीन वर्षों से उनके गांव के प्राइमरी स्कूल में दो ही अध्यापक हैं। अब एक अध्यापक का करनाल जिले में तबादला हो गया। ऐसे में एक अध्यापक पांच कक्षाओं को भला पढ़ाए तो कैसे पढ़ाए।
ग्रामीण राजेंद्र कुमार, कंवरपाल, ईशम सिंह, जसमेर आदि ने बताया कि उनके गांव के हाई स्कूल परिसर में ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला भी चलती है। पांच कक्षाओं को पढ़ाने के लिए एक अध्यापक पर्याप्त नहीं है। अकेला अध्यापक बच्चों को पढ़ाए, मिड-डे-मील बनाए, लिपिकीय कार्य करे या फिर गांव में जाकर परिवार पहचान पत्र बनाए।
उनका कहना है कि सबको शिक्षित करने का नारा देने वाली सरकार के राज में कक्षा पहली से पांचवीं तक पढ़ने वाले 104 छात्रों का भविष्य अंधकारमय है। जैसे ही ग्रामीणों को स्कूल के दो अध्यापकों में से एक अध्यापक के तबादले की सूचना मिली तो सुबह ही ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए उन्होंने स्कूल के मुख्य गेट को ताला लगा दिया।
ग्रामीणों की मांग है कि या तो तबादला किए गए अध्यापक को दोबारा स्कूल में लगाया जाए या फिर दो तीन अन्य अध्यापकों की नियुक्ति भी इस स्कूल में की जाए, ताकि उनके बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से हो सके।ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में सफाई कर्मचारी तक नहीं है। ऐसे में अध्यापक छतरपाल ही स्कूल में आकर सफाई करता है।
स्कूल को ताला लगाने की सूचना पाकर मौके पर गांव के सरपंच राजीव कुमार पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। स्कूल में तालाबंदी की सूचना जब पूंडरी खंड शिक्षा अधिकारी को मिली तो उन्होंने हाबड़ी स्कूल के प्रिंसिपल जसमेर व सिरसल के प्रिंसिपल परमजीत को मौके पर भेजा। दोनों प्रिंसिपल ने ग्रामीणों को समझाया। इसके करीब एक घंटे बाद स्कूल का ताला खुलवाया। उन्होंने स्कूल में जल्द ही अध्यापकों की नियुक्ति करने का आश्वासन दिया।