कलायत। बड़सीकरी माइनर के सुदृढ़ीकरण में बरती जा रही अनियमितता पर सिंचाई विभाग ने संज्ञान लिया है। टूटी-फूटी पुरानी ईंटों के ऊपर ही कंकरीट बिछाने की खबर अमर उजाला में 12 फरवरी को प्रमुखता से छापा गया था। इसका संज्ञान लेते हुए विभाग के शीर्ष अधिकारी माइनर के किए जा रहे निर्माण की 23 फरवरी को जांच करेंगे।
कैथल सिंचाई विभाग अधीक्षक अभियंता एमआर गर्ग ने बताया कि बड़सीकरी माइनर को लेकर जो शिकायत सामने आ रही हैं उसे विभाग ने संजीदगी से लिया है। इसके तहत 23 फरवरी को वे अधिकारियों की टीम के साथ माइनर क्षेत्र का मौका मुआयना करेंगे। निर्माण योजना के लिए विभाग की तरफ से ड्राइंग व पारदर्शिता के मानदंड निर्धारित रहते हैं। लोगों का आरोप है कि माइनर कार्य में भ्रष्टाचार का खामियाजा क्षत्र के किसानों को भुगतना पड़ेगा। निर्माण कार्य के दौरान कंकरीट की लेयर धंस रही हैं उससे पानी का रिसाव लाजमी है। रिसाव के बजाय हैड से टेल तक पानी पहुंचे इसके लिए मजबूती आवश्यक है।