नाबालिग से छेड़खानी और जबरदस्ती करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत ने दोषी को तीन साल के कारावास और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि कलायत निवासी एक महिला की शिकायत पर दर्ज मामले के अनुसार दो अगस्त 2019 को उसकी करीब 14 वर्षीय पुत्री को आरोपी राहुल निवासी कलायत द्वारा गली में जबरन पकड़ लिया गया व उसके साथ जोर जबरदस्ती की गई। बीच बचाव करने आई लड़की की माता के साथ भी आरोपी द्वारा मारपीट की गई थी। थाना कलायत में धारा 323,354,506 व पोक्सो एक्ट की धारा 8 के अंतर्गत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय में परीक्षण के दौरान गवाही और उप जिला न्यायवादी जयभगवान गोयल द्वारा दी गई दलीलों को मद्देनजर रखते हुए उपरोक्त मामले में 19 अगस्त 2021 को पूनम सुनेजा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने राहुल को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष कैद व 5500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। एसपी ने बताया कि न्यायालय ने अपने निर्णय में साफ तौर पर लिखा कि बच्चों के खिलाफ किए गए अपराध समाज के विरुद्ध अपराध हैं। इस प्रकार के अपराधी दया के पात्र नहीं हो सकते हैं। ऐसे दोषियों को दंडित करने से गरीब आदमी का न्याय व्यवस्था में विश्वास और दृढ़ होगा।