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इस बार बासमती ग्रुप के धान में रहेगी किसानों की बल्ले-बल्ले

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This time the bats and bats of farmers will remain in the paddy of Basmati Group - फोटो : Kaithal
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धान की बासमती ग्रुप की किस्मों की अच्छी कीमतों से किसानों को बड़ी राहत मिली है। पिछली बार 1121 करीब 2600 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था, जो इस बार शुरूआती समय में ही 3700 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। अभी बासमती ग्रुप में 1121 की आवक शुरू हुई है। परंपरागत बासमती की कीमतें 4000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक रह सकती हैं।
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विदित रहे कि पिछले साल बासमती ग्रुप में 1121 किस्म की कीमत 2600 रुपये से शुरू होकर 3200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। हालांकि बाद में यह 2900 रुपये के आसपास ही रही। जो इस बार 3200 रुपये से शुरू होकर अब तक कुछ मंडियों में तो 3700 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक चुकी है। हाथ से कटाई वाली धान 3500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है।
इसी प्रकार से परंपरागत बासमती 4000 रुपये प्रति क्विंटल बिकी थी। जिसके इस बार 4000 से 4500 रुपये तक रहने की संभावनाएं हैं।
निर्यातकों से मिली जानकारी के अनुसार देश के दो-तीन चुनिंदा निर्यातक ही परंपरागत बासमती की खरीद करते हैं। परंपरागत बासमती खुशबूदार चावल है। जो चावलों की किस्म में सबसे ज्यादा महंगा बिकता है। इसका चावल लंबा और खुशबूदार होता है। इसका रकबा काफी कम हो गया है। उत्पादन भी प्रति एकड़ अन्य किस्मों के मुकाबले काफी कम रहता है। जिले में इस बार पीआर ग्रुप करीब 40 से 50 प्रतिशत क्षेत्र में रोपी गई थी। शेष में बारीक धान की रोपाई हुई थी। इस बार बारीक धान की रोपाई करने वाले किसानों को पिछले साल के मुकाबले अधिक कीमत मिलने से बड़ी राहत मिली है।
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निर्यातक नरेंद्र मिगलानी का कहना है कि अभी तक विदेशों से ज्यादा डिमांड नहीं आई है। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए बारीक धान खरीदा जा रहा है। अभी पिछले साल का ही चावल भेजा जा रहा है। संभवत: इसके बाद ही विदेशों से डिमांड आएगी। इस बार 1121 की कीमतें अधिकतम 3700 रुपये तक पहुंच चुकी हैं। परंपरागत बासमती 3800 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल तक रह सकती है। बारीक धान उत्पादक किसान इस बार मुनाफे में रहे हैं। पीआर ग्रुप में भी उत्पादन ठीक होने से किसानों को नुकसान नहीं है।
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