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फिर उठा कैथल से पटियाला तक रेललाइन बिछाने का मुद्दा

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Then the issue of laying rail line from Kaithal to Patiala arose - फोटो : Kaithal
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सांसद नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को कैथल से पटियाला तक लगभग 80 किलोमीटर की रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने अपने प्रस्ताव में कहा कि कैथल के हलका गुहला में सबसे बड़ा कस्बा सीवन है, जोकि धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व रखता है। यह क्षेत्र ब्लॉक एवं उप तहसील का दर्जा भी रखता है।
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सांसद ने कहा कि कैथल में रेलवे स्टेशन है और पटियाला में भी रेलवे स्टेशन है। जिला कैथल से वाया सीवन होकर जिला पटियाला की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। यह क्षेत्र आजादी के 70 साल बाद भी रेल सुविधा से वंचित है। रेल लाइन न होने के कारण रेलवे की दृष्टि से देश के बाकी हिस्सों से हलका गुहला व सीवन कटा हुआ है। इसी कारण से व्यापारिक दृष्टि से यह हलका पिछड़ा हुआ है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में मांग रखी कि कैथल से वाया सीवन पटियाला तक 80 किलोमीटर तक रेलवे लाइन बिछा दी जाए तो हलका गुहला व सीवन व्यापारिक व पर्यटन की दृष्टि से देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाएगा।
सांसद ने कहा कि बीकानेर हिसार से हरिद्वार जाने वाली गाड़ी नंबर 14715 व 14717 दोनों गाड़ियों के बारे में कहा कि ये दोनों गाड़ियां बीकानेर से रोहतक होकर हरिद्वार वाया पानीपत-करनाल जाती हैं, लेकिन पानीपत-करनाल से औसतन 5 सवारियां ही जाती हैं, जिससे रेलवे विभाग को नुकसान हो रहा है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में कहा कि अगर इन गाड़ियों का रूट बदलकर रोहतक-जींद-नरवाना-कलायत-कैथल-कुरुक्षेत्र कर दिया जाए तो ये गाड़ियां यात्रियों से भरकर चलेंगी, क्योंकि प्रतिदिन सैकड़ों सवारियां हरिद्वार जाती हैं। इनके लिए यहां से कोई भी गाड़ी सीधा हरिद्वार तक नही जाती। यह रूट करने से जहां रेलवे विभाग को आर्थिक रूप से फायदा होगा, वहीं क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
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पंद्रह साल पहले नवीन जिंदल ने भी उठाई थी मांग
सांसद रहे नवीन जिंदल ने 15 साल पहले ये मांग उठाई थी। कैथल से पटियाला रेललाइन के लिए सर्वे भी हो चुका है, लेकिन न जाने किन कारणों के चलते यह परियोजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। अब देखना होगा कि सांसद नायब सैनी की मांग पर किस स्तर तक काम हो पाता है।
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