The craze of Chinese goods decreased
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घरों की सजावट से लेकर खिलौनों के रूप में बच्चों के हाथों तक अपनी पकड़ बनाने वाले चीनी सामान मांग घट गई है। कोरोना काल के बाद से दिनों दिन इनकी लोकप्रियता कम हुई है। व्यापारियों का कहना है कि दो साल में करीब 50 फीसद तक इन सामानों का कारोबार कम हुआ है। वहीं लोग स्वदेशी सामान को पसंद करने लगे हैं। त्योहार पर लोग घरों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं। दीपावली पर तो कोना-कोना सफाई से चमकने लगता है। साथ ही रंग-बिरंगी झालरों से घर आंगन जगमगाते नजर आ रहे हैं।
पहले सजावटी सामान में लोग सबसे ज्यादा चीनी सामग्री पसंद करते थे, लेकिन जब से देश में कोरोना आया है तब से ग्राहक चीनी सामान से किनारा करने लगे हैं। दीपावली व धनतेरस का त्योहार अगले महीने की शुरुआत में है। बाजार में त्योहारी चमक तो दिखने लगी है, लेकिन वह चीनी नहीं बल्कि स्वदेशी सामान की है। कोरोना काल में आए इस बदलाव के कारण चीनी सामानों की मांग में भारी गिरावट देखने को मिली।
उधर व्यापारी खुद चाइनीज सामान लाने में कम ध्यान दे रहे हैं। वहीं कई महिला संगठनों द्वारा घर को सजाने के लिए क्रोशिए से आइटम तैयार की जा रही है। इसमें स्लेप का कपड़ा, बंदरवाल, हिंडोले, भगवान का झूला व पूजा की टोकरी सहित अन्य सामान शामिल है।