हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन यानि एनआरएलएम में हुई गड़बड़ी की जांच में दोषी पाए गए पदाधिकारियों को पद से हटाने व उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश जारी किए गए हैं। दोषी करार दिए गए सात में से पदाधिकारी केवल दो हैं। शेष कर्मचारी हैं। कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है कि विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
सैर गांव से प्रवेश देवी, नगमा सहित कई महिलाओं ने लगभग दस माह पहले डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को शिकायत दी थी। जिसमें इन महिलाओं ने मिशन के जिले व ब्लॉक के अधिकारियों पर कई तरह से मनमानी करने व महिलाओं को प्रताड़ित करने क आरोप लगाए थे। इस शिकायत के बाद एडीसी सतबीर कुंडू ने कई माह तक चली लंबी जांच में तथ्यों की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। एडीसी ने अपनी जांच में स्पष्ट तौर पर जिला प्रबंधक सहित कई कर्मचारियों को महिलाओं के संगठन चलाने में मनमानी करने, बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर उन्हें प्रताड़ित करने, कृषि यंत्र खरीदने में महिलाओं की सुनवाई न करने सहित कई तरह की गड़बड़ियों का दोषी करार दिया था। महिलाओं ने तो एक करोड़ रुपये से भी अधिक की गड़बड़ी का भी आरोप लगाया था। जिसमें कई बिंदुओं पर एडीसी ने अधिकारियों को दोषी करार दिया था। मार्च माह में एडीसी ने अपनी रिपोर्ट डीसी को भेज दी थी। इसके बाद से महिलाएं इस रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग कर रही थीं। इस कार्रवाई की मांग के लिए महिलाओं ने पिछले महीने प्रदर्शन कर डीसी से कार्रवाई की मांग की थी। डीसी प्रदीप दहिया ने एडीसी की जांच रिपोर्ट के आधार पर 17 अगस्त को पत्र लिखकर आला अधिकारियों को सिफारिश की थी कि डीपीएम रजत भास्कर, बीपीएम रामफल शर्मा, संगठन की प्रधान रेनू, खजांची सुनीता, डीईओ नीरज, डीईओ सुनैना, डीईओ राकेश शर्मा की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
अब शुक्रवार 3 सितंबर को मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पंचकूला ने जिला परिषद के सीईओ को पत्र जारी कर कहा है कि डीसी कैथल की सिफारिश अनुसार संलग्र जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्देश दिया जाता है कि एचआरएलएम में दोषी पाए गए संगठन आधारित पदाधिकारियों, सदस्यों के खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें पदच्युत करने की तुरंत कार्रवाई करते हुए इस कार्यालय को सूचित करें। साथ ही डीसी की सिफारिश अनुसार दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराकर इस कार्यालय को सूचित करें। पत्र की भाषा पर गौर की जाए तो केवल पदाधिकारियों पर कार्रवाई के लिए कहा गया है। उपरोक्त दोषी करार दिए गए सात में से पदाधिकारी केवल दो हैं। शेष कर्मचारी हैं।
शुक्रवार तक सीईओ जिला परिषद रहे कुलधीर सिंह ने इन निर्देशों के प्राप्त होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ऐसा पत्र शुक्रवार सायं मिला है। इस संदर्भ में उनकी जगह आने वाले अधिकारी ही आगे की कार्रवाई करेंगे। उनका बतौर सीईओ जिला परिषद से डीएमसी कैथल की तौर पर तबादला हो गया है।