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तीन अनाज मंडियों के लिए एक जगह से गेटपास, धान की लगीं ढेरियां

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teen anaaj mandiyon ke lie ek jagah se getapaas, dhaan kee lageen dheriyaan - फोटो : Kaithal
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अनाज मंडी में अब धान उठान के लिए भी मार्केटिंग बोर्ड की ओर से ऑनलाइन गेटपास की व्यवस्था की है। जिससे कैथल अनाज मंडियों में धान उठान में ऑनलाइन गेटपास के कारण समस्या खड़ी हो गई है। रविवार को दिन भर तीनों मंडियों से आढ़ती प्रतिनिधि अधिकारियों से गुहार लगाते रहे। जिस कारण जाम में फंसी गाड़ियां तो खाली करवा ली गई, लेकिन आगे से गेटपास ऑनलाइन कटवाने की ही बात कही गई है। जबकि गेटपास के लिए तीनों मंडियों में एक जगह नई अनाज मंडी का पीआर सेंटर बनाया गया है। जिस कारण आढ़तियों को समय व अतिरिक्त कर्मचारी रखने पड़ रहे हैं।
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नई अनाज मंडी से आढ़ती धर्मपाल, पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया, नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल सहित अन्य आढ़तियों ने कहा कि शनिवार तक उठान ठीक हो रहा था। अब ऑनलाइन उठान के लिए गेटपास की व्यवस्था की गई है। उन्हें व्यवस्था से कोई परेशानी नहीं है। लेकिन गेटपास के लिए केवल एक जगह नई अनाज मंडी में पीआर सेंटर में व्यवस्था है। वहां जाकर ऑनलाइन गेटपास कटवाना पड़ रहा है। जिसमें आढ़तियों को अतिरिक्त कर्मचारी गेटपास के लिए रखने पड़ रहे हैं। उनका समय भी खराब हो रहा है। गेटपास मिलने में ज्यादा समय लगने के कारण धान से भरे वाहन खाली नहीं हो पा रहे हैं। 24 घंटे में करीब 200 से अधिक वाहन इसी कारण जाम में फंसे हैं। उनकी मांग है कि ऑनलाइन गेटपास के काम में तेजी लाई जाए। इसके लिए पुरानी अनाज मंडी व विस्तार अनाज मंडी में भी गेटपास काटने की व्यवस्था की जाए। ताकि जल्दी गेटपास कटें और जल्द धान का उठान हो। यदि ज्यादा दिन धान मंडी में पड़ा रहा तो यह खराब हो सकता है।
अनाज मंडियों से आढ़ती सुबह डीसी से, फिर एसडीएम से और बाद दोपहर डीएफएससी प्रमोद शर्मा से मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने जाम में फंसे वाहनों को खाली करवाने की व्यवस्था की मांग की। अधिकारियों ने जैसे-तैसे जाम में फंसे वाहन तो खाली करवा दिए। लेकिन आढ़तियों को स्पष्ट कर दिया है कि अब उठान के लिए ऑनलाइन गेटपास ही कटेगा। इस व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं आएगा। आढ़तियों ने कहा कि वे सोमवार से इस समस्या के समाधान की मांग करेंगे कि विस्तार अनाज मंडी व पुरानी अनाज मंडी में भी नई अनाज मंडी के पीआर सेंटर की तर्ज पर ऑनलाइन गेटपास की व्यवस्था की जाए। ताकि एक ही जगह पर आढ़तियों में आपा-धापी न हो।
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मंडियों में पहुंचे हुए हैं करीब 10 से 12 लाख कट्टे धान-सप्ताह भर से अनाज मंडियों में सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली पीआर धान की खूब आवक हो रही है। अकेले कैथल शहर की तीनों अनाज मंडियों में 10 से 12 लाख कट्टे धान की आवक हो चुकी है। जिसमें से अधिकतर अब उठान के इंतजार में हैं। जिस कारण नया धान डालने की जगह कम बची है।
डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने कहा कि आढ़तियों की समस्या सुन ली गई है। पूरे जिले में ऑनलाइन गेटपास काटे जा रहे हैं। कैथल मंडी के आढ़तियों को भी बता दिया गया है। जल्द ही यहां भी सारा काम सुचारू हो जाएगा। पूरे जिले में धान की सही ढंग से खरीद चल रही है।
कैथल। डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि गत दिवस तक जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजैंसियों द्वारा 1 लाख 62 हजार 148 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा सबसे अधिक 84 हजार 473 मीट्रिक टन धान खरीदी गई है। पिछले वर्ष इस दिन तक जिला में 1 लाख 26 हजार 298 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। विभिन्न स्थानों पर संचालित मंडियों में समर्थल मूल्य पर धान की खरीद की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में उचित प्रबंध भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक 1 लाख 62 हजार 148 मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली गई है।
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