कैथल। मौजूदा समय में किसी बच्चे को सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करनी है तो उसे किसी दूसरी जगह जाने की आवश्यकता नहीं है। इंटरनेट व अन्य माध्यमों पर उपलब्ध सिलेबस से चयन कर घर बैठकर ही परीक्षा की तैयारी की जा सकती है। सोशल मीडिया से दूर रहकर लगन और मेहनत से अध्ययन करे तो निश्चित रूप से उद्देश्य में सफलता मिलेगी। यह मानना है डीसी आईएएस जगदीश शर्मा का। आज देश भर में मनाए जा रहे नेशनल सिविल सर्विसेज डे के उपलक्ष्य में विशेष बातचीत में उन्होंने सिविल सर्विसेज के महत्व व उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 में हरियाणा सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वे वर्ष 2014 तक हरियाणा के विभिन्न जिलों में बतौर एचसीएस कार्यरत रहे। वर्ष 2014 में वे आईएएस बनें। आईएएस जगदीश शर्मा ने कहा कि सिविल सर्विसेज देश की वे प्रतिष्ठित सेवाएं हैं, जहां काम करने का हर भारतीय बच्चे का मन रहता है। यहां न केवल मान-सम्मान बल्कि देश के लिए कुछ करने का बेहतर अवसर होता है। इस सेवा में देश को सबसे आगे रखकर काम करना होता है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे सिविल सर्विसेज की तैयारी करना चाहते हैं, वे समय रहते अपना लक्ष्य निर्धारित कर शुरू करें।
बतौर आईएएस किसी कल्याणकारी अनुभव पर डीसी ने कहा कि फतेहाबाद में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर उनके मन में टीस थी। पूरी टीम के साथ मिलकर काम किया तो पराली जलाने के मामलों में एनजीटी के निर्देशानुसार 48 प्रतिशत तक कमी की। इससे सुकून मिलता है कि पर्यावरण व देश के लिए कुछ कर सके। ऐसे अनेक कार्य हैं, जिन्हें पूरा करके अच्छा लगता है। युवा वर्ग को सफल होना है तो उन्हें नशे से दूर रहना होगा। जीवन एक ही बार मिलता है। इसे यदि नशा करके खराब कर दिया तो समय वापस नहीं मिल पाएगा। संवाद
राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस
यह दिवस 21 अप्रैल को मनाया जाता है। इसे भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा सहित सभी सिविल सेवाओं की उत्कृष्टता के लिए मनाया जाता है। भारत सरकार प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को लोकसेवा दिवस के रूप में मनाती है। इस दिन अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को उनकी सर्वश्रेष्ठ सेवा के लिए पुरस्कृत किया जाता है। यह पुरस्कार उन्हें नागरिकों को उत्तम सेवाएं प्रदान करने के लिए दिया जाता है। इससे अधिकारियों में बेहतर प्रदर्शन की भावना तो आती ही है साथ ही बदलते समय एवं नई चुनौतियों से निपटने के लिए उन्हें अपनी नीतियों पर मनन करने का अवसर भी मिलता है। इस दिवस का उद्देश्य भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा के सदस्यों द्वारा अपने आप को नागरिकों के लिए एक बार पुनः समर्पित और फिर से वचनबद्ध करना है। यह दिन सिविल सेवकों को बदलते समय की चुनौतियों के साथ भविष्य के बारे में आत्म निरीक्षण और सोचने का अवसर प्रदान करता है।