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जल्द मिलेगी कचरे की परेशानी से मुक्ति

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कैथल। शहर में डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने की समस्या का चुनाव के बाद समाधान होने की उम्मीद जगी है। विभाग मुख्यालय ने क्लस्टर स्तर पर होने वाले टेंडर के लिए प्रक्रिया तेज की है। इसके लिए लगातार दो दिनों तक विभाग मुख्यालय में मंथन किया गया। कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र जिलों के लिए करनाल में क्लस्टर बनाया जाना है। तीनों शहरों का कचरा करनाल में एकत्रित किया जाएगा। वहां पर उसका निस्तारण किया जाएगा।
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गौरतलब है कि साल भर पहले शहर में डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने के टेंडर को रद किया गया था। इसके बाद से नगर परिषद कर्मचारियों शहर में से महज 11 टिप्पर (छोटे टेंपों) की मदद से कचरे का उठान करवाया जा रहा है। वाहनों की सीमित संख्या होने के कारण कई गलियों व कॉलोनियों से हर रोज कचरे का उठान नहीं हो पाता है। लोगों की तमाम शिकायतों के बावजूद जैसे-तैसे कचरा उठान का काम किया जा रहा है। शहर में से हर रोज 70 से 80 टन कचरा एकत्रित होता है। उधर, ईओ नगर परिषद कुलदीप मलिक ने कहा कि टेंडर कब तक सिरे चढ़ेगा, यह विभाग मुख्यालय से ही पता चलेगा। जिलास्तर पर जो भी जानकारी मांगी जा रही है, वह उपलब्ध करवाई जा रही है।
चुनाव में स्वच्छता बना है अहम मुद्दा
इस समय नगर परिषद चुनाव की तैयारी जोरों पर हैं। उम्मीदवारों को लोगों के सफाई संबंधी सवालों का सामना करना पड़ रहा है। शहर में बाजार हो या रिहायशी इलाका, वहां कचरे की स्थिति के कारण उम्मीदवारों को अपने मुद्दों में सफाई को अहम मुद्दा रखना पड़ रहा है।
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विभाग मुख्यालय में बैठकों का दौर
स्थानीय निकाय विभाग ने पिछले साल फैसला लिया था कि डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने के लिए क्लस्टर स्तर पर टेंडर छोड़ा जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र के लिए एक क्लस्टर बनाया गया है। करनाल में सारा कचरा एकत्र कर उसका निस्तारण किया जाना है। सात से आठ माह पहले क्लस्टर स्तर पर टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
तीन बार के प्रयास में अब जाकर टेंडर सिरे चढ़ने की संभावनाएं बनीं हैं। विभाग मुख्यालय ने एक सप्ताह में दो बार इस संबंध में बैठक की गई। इनमें संबंधित जिलों के अधिकारी भी भाग लेने पहुंचे। उम्मीद है कि जल्द ही यह टेंडर सिरे चढ़ सकता है। इसके बाद शहर से कचरा उठान की समस्या का समाधान हो जाएगा।
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