संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत किया जाएगा। संतान की दीर्घायु और सुख समृद्धि के लिए हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत किया जाता है। शनिवार को इसके लिए बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं ने अहोई अष्टमी का व्रत रखकर बेटों को देने के लिए उपहार व उनकी मनपसंद पकवान बनाने को सामान की खरीदारी की। चूड़ियों सहित सौंदर्य का अन्य सामान भी खरीदा। इनमें मिट्टी से बनी रंगीन, प्रिंटेट अहोई, ढक्कन, अहोई अष्टमी का कैलेंडर आदि शामिल रहा।
कुछ महिलाओं ने बच्चों को उनके मनपसंद कपड़े, जूते गिफ्ट दिलवाए। खरीदारी करने के लिए पहुंची महिला रेनू, सुनीता, बबली, सीता, कमलेश, अंजू, पूर्णिमा ने बताया कि रविवार को अहोई अष्टमी का पर्व है। महिलाएं इस व्रत को चंद्रमा के दर्शन के बाद खोलती हैं।
पूजा विधि
दीवार पर अहोई माता की तस्वीर बनाई जाती है। फिर रोली, चावल और दूध से पूजन किया जाता है। इसके बाद कलश में जल भरकर माताएं अहोई अष्टमी कथा का श्रवण करती हैं। अहोई माता को पूरी और किसी मिठाई का भी भोग लगाया जाता है। इसके बाद रात में तारे को अर्घ्य देकर संतान की लंबी उम्र और सुखदायी जीवन की कामना करने के बाद अन्न ग्रहण करती हैं।
इस समय होगा व्रत शुरू
हनुमान वाटिका के पुजारी विशाल पंडित ने बताया कि अष्टमी तिथि पांच नवंबर को सुबह 12 बजकर 59 मिनट से प्रारंभ होगी और 6 नवंबर को सुबह 03 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी। अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त शाम 05 बजकर 32 मिनट से शाम 06 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। पूजन की अवधि एक घंटा 18 मिनट की है।