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शिक्षकों-पुलिस में धक्का-मुक्की

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06-कैथल। चिराग योजना के विरोध में प्रदर्शन में पुलिस के साथ हुई झड़प के दौरान शिक्षक तालमेल कमेटी क - फोटो : Kaithal
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कैथल। चिराग योजना के विरोध में लघु सचिवालय में बृहस्पतिवार शाम को प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। दिन मेें प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीसी को सौंपने के लिए शिक्षक वहां पहुंचे थे। जब काफी देर तक कोई अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए नहीं पहुंचा तो शिक्षकों ने सचिवालय में घुसने का प्रयास किया। इस बीच वहां सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बावजूद शिक्षकों ने इमारत के भीतर घुसने का प्रयास किया तो पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की हो गई। इससे सब पसीने-पसीने हो गए। पुलिसकर्मियों ने उन्हें भीतर घुसने नहीं दिया। इसके बावजूद भी कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा तो प्रदर्शनकारी शिक्षक गेट के बाहर उसे चस्पाकर वापस लौट गए।
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प्रदर्शन में हसला के जिला प्रधान जितेंद्र करोड़ा, ईश्वर ढांडा, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रेस सचिव सतबीर गोयत, कंवरजीत सिंह, विजेंद्र मोर, बूटा सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान सुरेश द्रविड़, बलबीर पहलवान, हरियाणा प्राथमिक टीचर एसोसिएशन के जिला प्रधान बलजीत गोपेरा व संजय मलिक आदि भी शामिल रहे। शिक्षक नेताओं ने बताया कि चिराग योजना के विरोध में व शिक्षकों के 50 हजार रिक्त पदों पर एचटेट पास नौजवानों की नियमित भर्ती की मांग के लिए जिलेभर से अध्यापक यहां पहुंचे।
तालमेल कमेटी के आह्वान पर शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के माध्यम से अपना ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम देना चाहते थे। लगभग एक घंटा इंतजार करने के बावजूद जब जिला प्रशासन ने ज्ञापन नहीं लिया तो अध्यापकों ने थोड़ा आक्रामक रुख अपनाया। पुलिस कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उन्हेें जब भीतर जाने नहीं दिया तो सचिवालय की दीवार पर ज्ञापन चस्पा कर दिया गया।
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कैथल में बुलाई 11 जुलाई को बैठक
शिक्षकों का ज्ञापन न लेने पर नाराजगी जताते हुए अब शिक्षक तालमेल कमेटी ने 11 जुलाई को सभी शिक्षक संगठनों की बैठक कैथल में बुलाई है। इसमें आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी। शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ राज्य सरकार जन शिक्षा को बर्बाद करने पर तुली हुई है और दूसरी तरफ जिला प्रशासन शिक्षकों के ज्ञापन तक लेना पसंद नहीं करता। शिक्षक संगठनों में इससे जबरदस्त रोष है।
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