पूंडरी। पूंडरी हलके के गांव खेड़ी मटरवा में पहली बार एससी सरपंच बनेगा लेकिन इस बिरादरी के लोगों में इस बात के लिए खुशी नहीं दिखाई दे रही। बेशक मतदाताओं के हिसाब से यह छोटा गांव दिखाई पड़ता हो लेकिन अगर सरपंच के चुनाव में खर्चे की बात की जाए तो शायद ही पूरे कैथल जिले में ऐसा कोई बड़ा गांव हो जिसमें खेड़ी मटरवा के सरपंच पद के चुनाव जीतना खर्च होता हो। बताया जाता है कि पिछली बार जीतने और हारने वाले उम्मीदवार का ही लगभग डेढ़ करोड़ रुपये प्रचार में खर्च हुआ था।
यहां पर उल्लेखनीय है कि जबसे खेड़ी मटरवा पंचायत बनी है, तब से गांव में रोड समाज से ही सरपंच बनता आया है लेकिन अबकी वर्ष 2022 के चुनाव में खेड़ी मटरवा में आरक्षण ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। यह सीट एससी के लिए आरक्षित होने से यहां पहली बार परिवर्तन होगा। इसके बावजूद दूसरे गांवों की तरह यहां एससी समाज में खुशी नहीं दिखाई दे रही। जानकारी करने पर पता चला कि उनमें निराशा का भाव होने की बड़ी वजह है।
दरअसल, निराशा का यह कारण सरपंच के चुनाव में बड़ी रकम लेकर वोट देना है। एससी वर्ग के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे सरपंच के चुनाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। बताया कि यहां एक वोट की कीमत हजारों में मिलती है। यह भी कहा कि एससी में सीट आने से एक ही व्यक्ति को फायदा होगा जबकि सामान्य सीट होने से कई एससी परिवारों को फायदा होता।
लोगों ने बताया कि पिछली बार खेड़ी मटरवा के सरपंच का चुनाव जीतने वाले व हारने वाले प्रत्याशी का लगभग 1.50 करोड़ रुपये खर्च हुआ था। इसमें हारने वाला प्रत्याशी केवल सात वोटों से ही हारा था। ऐसे में आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि खेड़ी मटरवा के सरपंच पद का चुनाव लड़ना किसी जिला परिषद के चुनाव लड़ने से कम नहीं है। इतने पैसों में तो एमएलए का भी चुनाव लड़ा जा सकता है।
ग्राम पंचायत में है 120 एकड़ जमीन
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत की आमदनी का सबसे बड़ा साधन ग्राम पंचायत की लगभग 120 एकड़ जमीन है। इसमें लगभग 100 एकड़ जमीन को पंचायत ठेके पर देती है तथा लगभग 15 एकड़ में सफेदा के पेड़ खड़े हैं।
जातिगत आंकड़े
गांव खेड़ी मटरवा में कुल वोट लगभग 1000 हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या रोड़ समाज के मतदाताओं की लगभग 500 है। लगभग 170 वोट ब्राह्मण समाज और पिछड़ी जाति के लगभग 100 वोट हैं। एससी वोट लगभग 150 वोट है। इनमें वाल्मीकि समाज के 120 से अधिक वोट हैं।