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स्वास्थ्य विभाग के ढुल-मुल रवैये के बाद जिला प्रशासन ने संभाली कमान

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कैथल। कोरोना टीकाकरण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण कैथल जिला प्रदेश में पिछड़ गया है। तीन आयु ग्रुपों में पिछड़े कैथल जिले का प्रदेश में 10वां स्थान है। अब टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कसी है। इसके लिए सोमवार से एक सप्ताह का बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए डीसी ने रविवार को छुट्टी के दिन नगर परिषद कैथल, नगर पालिका पूंडरी, बीडीपीओ कार्यालय राजौंद और जिला अस्पताल का दौरा कर अभियान में तेजी लाने के लिए पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी किए। डीसी ने स्पष्ट किया कि जो भी कर्मचारी टीका नहीं लगवाएगा, यदि उसका कोई वाजिब कारण नहीं मिला तो उसका वेतन रोकने के लिए ट्रेजरी में लिख दिया जाएगा। साथ ही सोमवार से सरकारी कार्यालयों में बिना टीकाकरण आने वाले लोगों को रोका जाएगा। उन्हें समझा बुझाकर मौके पर ही टीके लगाए जाएंगे।
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कैथल जिले में 18 से 44 आयु वर्ग में प्रदेश के औसत 91 प्रतिशत के मुकाबले महज 78 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन की पहली और 51 प्रतिशत प्रदेश के औसत की बजाए महज 44 प्रतिशत लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है। इसी प्रकार 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग में प्रदेश के औसत 88 प्रतिशत के मुकाबले कैथल में 79 प्रतिशत ने पहली और 62 प्रतिशत के मुकाबले 54 प्रतिशत ने दूसरी डोज लगवाई है। 60 वर्ष आयु वर्ग से ऊपर प्रदेश के 92 प्रतिशत औसत के मुकाबले 93 प्रतिशत लोगों ने टीका लगवाकर प्रदेश को पछाड़ दिया। लेकिन, दूसरी डोज में यह आयु वर्ग भी पीछे है। प्रदेश के 70 प्रतिशत औसत के मुकाबले 69 प्रतिशत लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है। कैथल जिले में इस समय एक लाख 48 हजार 442 लोगों को पहला टीका और एक लाख छह हजार 386 को दूसरा टीका लगाया जाना बाकी है। जिले की 18 प्रतिशत आबादी अभी टीका लगवाने से वंचित है।
डीसी प्रदीप दहिया रविवार सुबह नगर परिषद कार्यालय में शहर के पार्षदों, प्रतिनिधियों और अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक करने पहुंचे। वहां उन्होंने सभी से टीकाकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कहा कि जो भी कर्मचारी टीका नहीं लगवाएगा, ट्रेजरी को उसके वेतन को रोकने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। ओमिक्रॉन जैसे नए खतरनाक वैरिएंट का उन लोगों पर कम असर होगा, जिन्हें टीका लग चुका होगा। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। इसलिए जो लोग रह गए हैं, एक सप्ताह में टीका लगवा लें। राजस्व और पंचायत विभाग सहित खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को भी टीकाकरण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। सभी ईंट भट्ठों, सभी राइस मिलों, खेल परिसर में आने वाले लोगों, स्कूलों में स्टॉफ सदस्यों सभी को टीका लगना सुनिश्चित किया जाएगा। सोमवार से डीसी ऑफिस, तहसील ऑफिस, बीडीपीओ ऑफिस में उन्हीं लोगों को प्रवेश मिलेगा, जिन्होंने टीके की दोनों डोज लगवा रखी होंगी। डीसी के साथ सीटीएम अमित कुमार, सीएमओ जयंत आहूजा, बीडीपीओ रोजी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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इसके बाद डीसी ने जिला नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और आम जन के लिए पार्किंग एरिया को एक ही जगह शिफ्ट करें। मेगा वैक्सीनेशन के तहत किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डीसी ने मेगा वैक्सीनेशन ड्राइव में सहयोग करने को लेकर रविवार को ईंट भट्ठा एसोसिएशन, चीनी मिल, राइस मिलर्स एसोसिएशन, गैस एजेंसी संचालकों, एच्छिक संस्थाएं, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सभी कार्यालयों में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रहेगी और वहीं पर टीका लगाया जाएगा।
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