कैथल। तितरम मोड़ से हांसी तक सड़क को फोरलेन बनाने की योजना साढ़े पांच साल बाद सिरे चढ़ी है। इसके लिए (एचएसआरडीसी) हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम ने (डीपीआर) विस्तृत परियोजना विवरण तैयार करने के लिए 54.50 लाख रुपये का टेंडर लगा दिया है। पिछले साल ही इस सड़क को पीडब्ल्यूडी से एचएसआरडीसी को स्थानांतरित किया गया था।
एचएसआरडीसी विभाग ने सितंबर में फोरलेन प्रोजेक्ट की डीपाआर तैयार करने के लिए प्राथमिक लागत का अनुमान तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा था। जहां से अब मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर बनाने के लिए टेंडर किया गया है। इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए साढ़े चार साल पहले केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कैथल के तितरम मोड़ से जींद होते हुए हांसी तक सड़क को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी। कई गांवों में बाईपास भी बनना था, लेकिन बाद में सड़क के फोरलेन प्रोजेक्ट को (एनएचएआई) नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने रद्द कर दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने फोरलेन बनाने का निर्णय लिया और इसे एचएसआरडीसी को सौंप दिया।
तितरम मोड़ से लेकर जींद तक सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। कैथल के तितरम मोड़ से लेकर नगूरां तक सड़क की चौड़ाई साढ़े सात मीटर व आगे हांसी तक 10 मीटर है। यहां वाहनों का काफी आवागमन होता रहता है। इसके कारण लोगों को वाहन चलाते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। रास्ते में कई जगह पर गति अवरोधक भी बने हुए हैं। सड़क फोरलेन बन जाने के बाद यात्रियों को कुरुक्षेत्र, पिहोवा, अंबाला, चंडीगढ़, जींद, हांसी, रोहतक और भिवानी जाने में सहूलियत होगी। राहगीर कम समय में ज्यादा दूरी तय कर सकेंगे। एचएसआरडीसी के डीजीएम नवनीत नैन ने बताया कि फोरलेन प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करवाने के लिए 54.50 लाख का टेंडर लगाया गया है। टेंडर अलाट होने के तीन महीने के अंदर डीपीआर का काम पूरा करना होगा। इसके बाद फोरलेन प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।