कैथल। नगर परिषद में रजिस्ट्री के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगा है। यही नहीं, इस मामले में कर्मियों ने रजिस्ट्री करवाने के नाम पर लिए गए 25 हजार रुपये के चेक को भी वापस लौटाया है। यह खुलासा विस्तार अनाज मंडी कैथल के प्रधान सोहन ढुल ने किया है। उन्होंने शहर के लोगों से अपील की है कि वे नगर परिषद में मनमानी तरीके से हो रही ठगी को रोकने के लिए आगे जरूर आएं। कहा कि रजिस्ट्री के लिए विकास शुल्क के नाम पर अवैध वसूली हो रही है।
अतिरिक्त अनाज मंडी कैथल के प्रधान सोहन ढुल ने बताया कि शहर में करीब तीन महीने की कलेक्टर रेट प्रस्तावित किए गए थे। यह फाइनल नहीं हुए थे। अब नगर परिषद इसे फाइनल मानकर विकास शुल्क इसके हिसाब से लगा रहा है, लेकिन कलेक्टर रेट में इजाफा नहीं हुआ है। किसी परिचित का डिफेंस कॉलोनी में 300 गज का प्लाट है। इस पर कलेक्टर रेट के हिसाब से 450 रुपये प्रति गज होना चाहिए, लेकिन इसे 535 रुपये लगाया है। ऐसे में शहर में काफी केस हैं, जिनमें नए कलेक्टर रेट के हिसाब से वसूली की जा रही है। शहर के लोगों को रजिस्ट्री में विकास शुल्क के नाम पर ठगने का काम किया जा रहा है। वे मांग करते हैं कि शहर में जितने भी जमीन की रजिस्ट्री में विकास शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की गई है, इसे वापस लौटाई जाए। बताया कि उनके जानकार को 25 हजार रुपये का चेक वापस लगाया गया है।
इस मामले में नगर परिषद के कैथल के ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया था, इसके बाद जांच करवाई गई। इसमें जानकारी मिली कि विकास शुल्क के नाम पर अधिक रुपये लिए गए हैं। इसके बाद एक शिकायतकर्ता को 25 हजार रुपये का चेक वापस लौटाया गया है। यदि अन्य किसी मामले में ऐसा तो उसकी भी जांच करवाई जाएगी, ताकि शहर के लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।