सीवन। नगरपालिका सीवन का दर्जा भंग कराने को लेकर नगर के लोगों ने शनिवार को सैनी धर्मशाला में बैठक की। इसकी अध्यक्षता यशपाल राणा नंबरदार ने की। वक्ताओं ने कहा कि सीवन को नगरपालिका का दर्जा मिलने के बाद से नगर के सभी काम ठप हो गए हैं। लोगों को जो सब्जबाग दिखा कर सीवन को नगरपालिका का दर्जा दिया गया था वह सब झूठे साबित हुए और अब सच जनता के सामने हैं।
उन्होंने कहा कि सीवन में मनरेगा समाप्त हो गया और करीब 4500 मनरेगा मजदूरों का रोजगार खत्म हो गया। टैक्स के बोझ के नीचे क्षेत्रवासियों को दबा दिया गया है। लोग अपने ही घरों में किरायेदार बन कर रह गए हैं। आज तक लोग जिसे अपना घर समझ रहे थे अब उसी का टैक्स अदा करना पड़ रहा है जिसका उन्हें कोई लाभ नहीं है। कोई भी अपने ही मकान में कोई निर्माण कार्य नहीं कर सकता है। हर काम के लिए पैसे देने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग हर छोटे बड़े काम के लिए नगरपालिका के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कोई काम नहीं हो पाता है। पहले गांव में सरपंच होता था और वार्ड पंच होते थे जो लोगों की समस्या को समझते थे और हर समय उपलब्ध रहते थे। अब लोगों को अधिकारियों के कार्यालय में आने का इंतजार करना पड़ता है। यदि अधिकारी कार्यालय में किसी कारण से नहीं पहुंच पाता है तो लोग चक्कर लगा कर अपना समय व्यर्थ करते हैं। उन्होंने कहा कि सीवन के लोगों को इस प्रकार की नगरपालिका और विकास की कोई आवश्यकता नहीं है। सीवन की जनता इससे त्रस्त हो चुकी है और अब दोबारा से पंचायती राज को लौटाने की मांग सरकार व प्रशासन से कर रही है। नगरपालिका के विरोध में रविवार को सुबह नौ बजे रामा आश्रम सीवन में बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी नगर निवासी पहुंचेंगे और आगामी रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कहा जब सभी नगरवासी एक साथ होंगे, तभी इस नगरपालिका को भंग करवा कर दोबारा से पंचायती राज लाया जाएगा। बैठक में यशपाल राणा, सुरेंद्र नागपाल, बाल कृष्ण मोरे, सुरेश वधवा, बंटी सैनी, गुलाब प्रजापत, साधा राम, राम दिया सैनी, सुरेश सैनी व अन्य ने अपने विचार रखे।