फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आलू, प्याज व टमाटर का नहीं हो पाएगा अब तय सीमा से ज्यादा स्टॉक

विज्ञापन
विज्ञापन
बीते वर्ष कृषि कानूनों के चलते आलू, प्याज और टमाटर सहित खाद्य तेलों को आवश्यक वस्तुओं के दायरे से बाहर कर दिया गया था। शुक्रवार सुबह पीएम नरेंद्र मोदी ने लाइव आकर कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की है। ऐसे में फिर से पुरानी व्यवस्था लागू होती है तो व्यापारी जरूरी वस्तुओं का स्टॉक नहीं कर पाएंगे।
विज्ञापन

जिले के आलू, प्याज विक्रेताओं का कहना है कि कैथल की अनाज मंडी ज्यादा बड़ी नहीं है। यहां पर पहले भी स्टॉक नहीं होता था और आगे भी नहीं होगा। जब से कृषि कानून लागू हुए हैं तब से सब्जियों में काफी उतार चढ़ाव आया है। कई सब्जियों के दाम दोगुने हुए हैं तो कई सब्जियां पहले वाले रेटों पर ही बिक रही हैं। वहीं खाद्य तेल के व्यापारियों का कहना है कि खाद्य तेलों पर एक्साइज ड्यूटी घटने से तेल के दामों में कुछ कमी आई है। यदि पहले वाली व्यवस्था दोबारा से शुरू होगी तो तेल की कीमतें और कम होने की आस हैं। इसके अलावा दालों के दाम भी 25 से 30 फीसदी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें कमी आ सकती है।
एक वर्ष में हुआ काफी उतार चढ़ाव-
व्यापारी संजय कुमार ने बताया कि बीते एक वर्ष में सब्जियों में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला है। कई सब्जियां महंगी हुई हैं तो कई पहले वाले रेटों पर ही बिक रही हैं। सबसे अधिक टमाटर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस समय भी टमाटर 55 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
विज्ञापन

एक्साइज ड्यूटी घटने से कम हुए तेल के दाम
सरसों के तेल विक्रेता विकास गोयल ने बताया कि तेलों पर एक्साइज ड्यूटी कम होने के बाद तेलों के दामों में भी गिरावट आई है। दिवाली से पहले सरकार ने खाद्य तेलों पर टैक्स कम कर दिया है। इसके बाद तेल 165 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे पहले तेल 170 से 180 रुपये तक बिक रहा था।
थोक व्यापारी देव ने बताया कि कैथल मंडी ज्यादा बड़ी नहीं है, जो माल आता है साथ ही साथ बिक जाता है। मंडी में पहले भी स्टॉक नहीं होता था और आगे भी स्टॉक नहीं होगा। किसान आंदोलन के चलते सब्जियों के दामों पर थोड़ा प्रभाव तो जरूर पड़ा है। लेकिन अब कृषि कानून वापस होने की घोषणा हो चुकी है। सब सामान्य होने की उम्मीद है। किसान आंदोलन के कारण बॉर्डर बंद होने से दिल्ली की ओर से जो सब्जियां आती थीं, दो घंटे तक देरी से पहुंचती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें