50-कलायत। गांव दुमाड़ा में शिक्षकों की कमी को लेकर स्कूल पर तालाबंदी करते अभिभावक
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गांव दुमाड़ा के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में देश के कर्णधारों का भविष्य एक शिक्षक के सहारे है। स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज अभिभावकों ने स्कूल के मुख्यद्वार पर ताला जड़ दिया। इसके बाद गेट के सामने विद्यार्थियों के साथ धरने पर बैठ गए। विरोध स्वरूप स्कूल को तालाबंदी कर विद्यार्थियों ने मुख्य द्वार के बाहर ही कक्षाएं लगाईं। अभिभावक महेंद्र कश्यप, राजेश कुमार, मांगेराम, कमला, कविता और अनीता ने बताया कि करोना संक्रमण के चलते करीब दो वर्ष से स्कूल बंद होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पहले ही प्रभावित हो रही है।
शिक्षकों की कमी से बच्चों के भविष्य पर मंडराते खतरे को देखते हुए यह फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा। अभिभावकों का कहना है कि दुमाड़ा के माध्यमिक स्कूल में मुख्याध्यापक सहित पांच अध्यापकों के के कंधों पर विद्यार्थियों के भविष्य का जिम्मा था। वर्तमान में 4 शिक्षकों के तबादले के बाद अब केवल एक ही शिक्षक शेष रह गया है। सभी विद्यार्थियों को केवल एक अध्यापक पढ़ा रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर चिंतित अभिभावकों ने इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत की और शिक्षकों की तैनाती की मांग की, लेकिन उनकी मांगों को अनसुना कर इस समस्या को पूरी तरह से नजरंदाज किया गया। अभिभावक आश्वासन की बजाय शिक्षकों की तैनाती की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने ताला खोल दिया।
मंत्री ने दिया स्कूल में दो शिक्षकों की नई नियुक्ति का आश्वासन
कलायत भाजपा मंडल अध्यक्ष महिपाल राणा स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौके पर ही राज्य मंत्री कमलेश ढांडा को फोन पर स्थिति से अवगत करवाया। मंत्री ने स्कूल में रिक्त 4 पदों पर 2 शिक्षकों की नियुक्ति का भरोसा दिलाया। इस पर करीब 2 घंटे चले विरोध प्रदर्शन को ग्रामीणों ने स्थगित कर दिया।