कैथल। भाई उदय सिंह किला परिसर में हुए जन आक्रोश प्रदर्शन के कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला द्वारा भाजपा के मतदाताओं को राक्षस प्रवृत्ति का कहने पर अब सियासी घमासान छिड़ गया है। इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने सुरजेवाला और कांग्रेस पार्टी पर करारा प्रहार किया है। दूसरी ओर सुरजेवाला ने फिर से ट्वीट कर सीईटी और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। सफाई में उन्होंने कहा कि मेरे नजरिये में हिंसा और अन्याय राक्षसी प्रवृत्ति का कार्य है। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी मंगलवार को ट्विटर पर विशेष अभियान चलाएगी।
सुरजेवाला के दिमाग का संतुलन बिगड़ चुका : लीला राम
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला के विवादित बयान पर विधायक लीलाराम ने कहा कि पिछले पांच सालों से लगातार चुनाव हारते हुए सुरजेवाला के दिमाग का संतुलन खराब हो गया है। लीलाराम ने कहा कि रणदीप सुरजेवाला ने यह कहकर कि जिसने भी भाजपा को वोट दिया है मैं उनको श्राप देता हूं और वो सभी लोग राक्षस हैं... यह कह कर कैथल की जनता के साथ-साथ पूरे हरियाणा के लोगों का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि अगर रणदीप सुरजेवाला में थोड़ी सी भी नैतिकता बची है तो वे तुरंत हरियाणा और कैथल की जनता से माफी मांगे।
सुरजेवाला का बयान अमर्यादित : ढांडा
आप के वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने रणदीप सुरजेवाला के बयान को अमर्यादित बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही सर्वोपरि होती है। ऐसे में मतदाताओं के प्रति ऐसे शब्दों का प्रयोग करना निंदनीय है। उन्होंने सुरजेवाला को अपने शब्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि जब नरवाना से कैथल आये तो इसी जनता ने उन्हें दो बार जिताया। आप काम नहीं कर पाए और कैथल की जनता ने आपको नकार दिया तो उसी जनता को राक्षस कहना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता को ही श्राप देने की बात करना अशोभनीय है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा सही नहीं है। लोगों को बीजेपी सही लगी तो वोट दिया, लेकिन आज प्रदेश की जनता का बीजेपी से मन उतर चुका है।
कांग्रेस नेता श्राप देते हैं तो देश विकास की ऊंचाइयां छूता है : नायब सैनी
सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने देश के सामने सिर्फ समस्या पैदा की है। पहले भी कांग्रेसी नेता इस प्रकार के श्राप देते रहे हैं, लेकिन जब कांग्रेस के नेता इस प्रकार का श्राप देते हैं तो देश विकास की ऊंचाइयों को छूता है। सुरजेवाला कांग्रेस के काफी वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें भाषा की मर्यादा समझनी चाहिए। यह समझाना चाहिए कि देश के ऊपर लंबे समय तक कांग्रेस ने शासन किया है। भ्रष्टाचार से तंग आकर ही जनता ने बीजेपी को सेवा का अवसर दिया है।
संवाद में भावना और भावुकता शब्दों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण : सुरजेवाला
बयान के बाद सुरजेवाला ने फिर से ट्वीट कर सीईटी और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि संवाद में भावना और भावुकता शब्दों से कहीं महत्वपूर्ण है, जिसे कोई संवेदनशील व्यक्ति ही समझ सकता है। जैसे कौरवों ने पांडवों के साथ छल करके उनके अधिकार छीने, ठीक उसी प्रकार से भाजपा-जजपा सरकार ने हरियाणा के तीन लाख 59 हजार सीईटी पास युवाओं से उनका हक छीना है। उन्होंने प्रश्नपत्र के 100 प्रश्नों में 41 की पुनरावृत्ति और लीक होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 43 पर्चे लीक हो गए, भर्तियों में हेराफेरी हुई, पब्लिक सर्विस कमीशन में अटैची कांड हुआ, करोड़ों रुपये पकड़े, हमारे युवाओं के भविष्य पर ऐसा ग्रहण लगाने वाले क्या हैं, असुर रूपी या फिर देवता?