सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक मामले से जहां हजारों अभ्यर्थियों को निराशा हुई है, वहीं खाकी पर भी दाग लगे हैं। मामले में एक ओर जहां करनाल पुलिस ने फरीदाबाद की पुलिस चौकी सेक्टर-28 में तैनात सिपाही लोकेश को गिरफ्तार किया है, वहीं उसके साथी पुलिसकर्मी प्रवेश की तलाश में छापामारी की जा रही है। दूसरी ओर कैथल में हिसार से गिरफ्तार आरोपी के नाम का खुलासा नहीं करने से भी पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि धरे गये आरोपी ने ही आरोपी नरेंद्र को एक करोड़ में परीक्षा की आंसर-की उपलब्ध कराई थी।
सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में करनाल और कैथल पुलिस लगातार गिरफ्तारी कर रही है, लेकिन पूरे मामले का खुलासा न करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। वहीं मामले में दो पुलिसकर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है। मंगलवार को करनाल पुलिस ने लोकेश नाम के पुलिसकर्मी को काबू किया है, जबकि उसका साथी और मुख्य आरोपी प्रवेश अभी तक फरार है, उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें कई दिन से प्रयास कर रही हैं।
दूसरी ओर कैथल पुलिस के अनुसार उसने आरोपी नरेंद्र को एक करोड़ रुपये में आंसर-की बेचने वाले को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पुलिस की ओर से उसके नाम का खुलासा नहीं किया गया। यह स्थिति तब है कि जबकि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ चल रही है। मामले में मंगलवार को आईजी ममता सिंह स्वयं कैथल पहुंचकर मामले की जानकारी ली, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से धरे गए आरोपी के नाम का खुलासा नहीं किया गया। कहीं न कहीं इससे खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विदित हो कि सिपाही भर्ती का पेपर लीक होने के बाद हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों को निराशा हुई है और जगह-जगह इसे लेकर रोष प्रकट किया जा रहा है। ऐसे में सभी जानना चाहते हैं कि आखिर पेपर लीक का मुख्य आरोपी कौन है। लेकिन कैथल, करनाल सहित अन्य जिलों से की गई बड़ी संख्या में गिरफ्तारियों के बावजूद अब तक कानून के हाथ लंबे होते हुए भी मुख्य आरोपी से बहुत दूर है।