कैथल। सरकार की घोषणा के तहत रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा देने में निजी बस संचालकों की बुधवार को मनमानी हावी रही। इस दौरान निजी बस संचालकों ने अपने 30 से अधिक समय छोड़े। वहीं, सभी निजी बसें न चलने से अधिक भीड़ रही। बसों में अधिक भीड़ होने के कारण महिलाओं को काफी परेशानियां हुई।
हालांकि रोडवेज प्रबंधन का कहना था कि उन्होंने व्यवस्था लगातार बनाकर रखी थी। उधर, कई महिलाओं को निशुल्क यात्रा करना काफी महंगा पड़ा। यात्रा के दौरान बस स्टैंड पर जेबें कटी। इस दौरान एक महिला के आभूषण भी चोरी हुए। हालांकि पुलिस में ज्यादातर मामलों की शिकायतें नहीं की गईं।
सुबह और शाम चार और पांच बजे के बीच अधिक भीड़ रही। ऐसी स्थिति में महिलाओं को बसों में धक्का-मुक्की का भी सामना करना पड़ा। इस दौरान केवल चीका और असंध के रूट पर ही बसें चली। वहीं, नरवाना, पूंडरी और निसिंग के लिए बसें नहीं चली थी।
रानी ने बताया कि उसे अंबाला जाना था, लेकिन अधिक भीड़ होने के कारण काफी अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कहा कि सरकार ने निशुल्क यात्रा की सुविधा तो दी, लेकिन बसों की संख्या ठीक होने के बाद उनका संचालन ठीक ढंग से नहीं हो पाया। ऐसे में महिलाओं को असुविधा हुई थी।
सुनिधि ने कहा कि उसे नरवाना जाना था, हिसार व सिरसा जाने वाली बसों में अधिक भीड़ थी। इस स्थिति में यदि निजी बस इस रूट पर चलती तो उसे परेशानी न उठानी पड़ती।
गौरतलब है कि महिलाओं को बसों में निशुल्क यात्रा की सुगम सुविधा देने के लिए रोडवेज प्रबंधन ने 30 अतिरिक्त कर्मियों की ड्यूटियां लगाई थी। इन कर्मचारियों ने महिलाओं को जहां बसों की जानकारी दी। वहीं, समय छोड़ने वाली निजी बसों की भी निगरानी की। दो दिन में करीब 40 हजार महिलाओं ने रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की थी।
रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि सरकार के आदेशों के तहत निजी बसों में भी महिलाओं व 15 साल तक की आयु के बच्चों के लिए यात्रा निशुल्क थी। कैथल डिपो की सभी 176 बसों को रूटों पर भेजा गया था। यदि निजी बस संचालकों ने अपना समय छोड़ा है तो उन पर कार्रवाई के लिए आरटीओ को लिखित में दिया जाएगा।
वहीं, निजी बस संचालकों की एसोसिएशन के सचिव महेंद्र ढांडा ने कहा कि निजी बस संचालकों ने सरकार के आदेशों का पालन किया है। रोडवेज के कर्मियों के साथ मिल-जुलकर कार्य किया है। समय बिल्कुल भी नहीं छोड़ा है। भीड़ होने के कारण समय में अंतर रहा।